फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गौरीपुर की प्रधान, उसके पति और फर्जी लेखपाल पर मुकदमा

विज्ञापन
विज्ञापन
बागपत। किसानों से फरद के नाम पर वसूली के खेल मेें फर्जी लेखपाल के साथ-साथ गौरीपुर गांव की प्रधान कमलेश और उनके पति शौचंद पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया। पूर्व प्रधान सत्ते की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कराया। फर्जी लेखपाल गौरव को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। गौरीपुर गांव में दबिश दी, लेकिन प्रधान और उनके पति का सुराग नहीं लगा।
विज्ञापन

सोमवार को निवाड़ा चेक पोस्ट के पास गौरीपुर यमुना खादर में किसानों से फरद के नाम पर वसूली करने का मामला सामने आया । खादर से पुलिस ने एक युवक को हिरासत में लिया। मंगलवार को गौरीपुर के पूर्व प्रधान सत्ते ने एसडीएम विवेक कुमार यादव को प्रार्थना पत्र दिया कि फर्जी लेखपाल गौरव कुमार, वर्तमान प्रधान कमलेश और उनके पति शोचंद समेत करीब 11 लोग ऐसे हैं, जो किसानों को फर्जी फरद देकर अवैध उगाही का खेल चला रहे हैं। एसडीएम ने पुलिस को कार्रवाई के निर्देश दिए। फर्जी लेखपाल टीकरी निवासी गौरव, गौरीपुर की प्रधान और उनके पति पर पुलिस ने धारा 420 में मुकदमा दर्ज किया। इससे गौरीपुर के पूर्व प्रधान सत्ते ने 15 दिसंबर 17 को भी शिकायती पत्र देकर किसानों से फरद के नाम पर वसूली करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।

पहले प्रधान ने की शिकायत, अब खुद फंसे
बागपत। गौरीपुर की प्रधान कमलेश ने डीएम से शिकायत की थी कि खुद को लेखपाल बताकर एक युवक उनसे सरकारी जमीन के शुल्क के रुपये ले गया। आरोप था कि खुद को चकबंदी लेखपाल बताने वाला युवक उनसे 10 हजार रुपये लेकर गया । यह रुपये सरकारी खाते में जमा नहीं कराए हैं और उन्हें रसीद भी नहीं दी है। मंगलवार को पूर्व प्रधान सत्ते सामने आया और प्रधान को ही आरोपी बनाकर मुकदमा दर्ज करा दिया। पुलिस जांच में जुटी है कि आरोपी ने कितने किसानों से फरद और प्रमाणपत्र देने की एवज में ठगी की।
विज्ञापन


खनन ठेकेदार से पांच लाख रुपये मांगने का मुकदमा
बागपत। गौरीपुर जवाहर नगर गांव की प्रधान कमलेश के पति शौचंद पर खनन में बवाल के बाद खनन ठेकेदार पर पांच लाख रुपये मांगने का मुकदमा भी दर्ज हो चुका है। पुलिस इस मामले की जांच में भी जुटी है।

क्यों बरपा है हंगामा
निवाड़ा चेक पोस्ट के पास गौरीपुर गांव के यमुना खादर में गाजियाबाद के ठेकेदार को एलएमसी की जमीन पर खनन का ठेका हुआ । जिस जगह का पट्टा हुआ, वहांगेहूं की फसल खड़ी है। जमीन बोने वाले निवाड़ा गांव के किसानों का कहना था कि उन्होंने गौरीपुर के प्रधान को इसकी एवज में रुपये दिए हैं। बवाल होने के बाद कई मामले खुलने लगे। खुद गौरीपुर की प्रधान ने डीएम से शिकायत की थी फर्जी लेखपाल ने उनसे किसानों के रुपये ले लिए। अब पूर्व प्रधान सामने आ गया है। करीब 14 हेक्टेयर जमीन पर निवाड़ा के 11 किसान काबिज हैं। इन किसानों को फर्जी फरद दी गई है, जिसकी एवज में रुपये लिए गए हैं।

लेखपालों की ली मीटिंग
बागपत। एसडीएम विवेक कुमार यादव ने तहसील क्षेत्र के लेखपालों के साथ मीटिंग की। एसडीएम ने संदिग्ध लोगों से दूर रहने के लिए कहा। यह भी कहा कि ग्रामीणों के सामने स्पष्ट बात करें। लेखपाल से निकटता बढ़ाकर किसी को भी गलत फायदा न उठाने दें।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें