बागपत। बड़ौत और खेकड़ा नगर पालिका के चुनाव पर सवाल खड़े हो गए हैं। दोनों निकाय के एक-एक पराजित प्रत्याशियों ने मतदान और मतगणना में धांधली का आरोप लगाकर कोर्ट में रिट दायर कर दी है। दावा किया खेकड़ा पालिका के चुनाव में जेल में बंद दर्जनों लोगों की वोट डाल दी। बड़ौत का दोबारा चुनाव कराने और खेकड़ा चुनाव की दोबारा मतगणना की मांग की।
निकाय चुनाव 29 नवंबर को हुआ। इसका परिणाम एक दिसंबर को घोषित हुआ । चुनाव हारे दो दावेदारों ने चुनाव पर सवाल उठा दिए हैं। इतना ही नहीं उन्होंने कोर्ट का दरवाजा भी खटखटा दिया। उनकी ओर से अधिवक्ता ओमपाल मान ने जिला एवं सत्र न्यायाधीश की कोर्ट में रिट दायर की । मान ने बताया उन्होंने बड़ौत के पराजित प्रत्याशी सलीम चौधरी और खेकड़ा से हारी प्रत्याशी नीलम धामा की ओर से कोर्ट में अर्जी लगाई है। मान ने दावेदार सलीम चौधरी की ओर से बताया बड़ौत में मुस्लिम बाहुल्य बूथों पर मतदाताओं की संख्या अधिक की। जबकि अन्य बूथों पर ऐसा नहीं हुआ है। इसलिए बहुत वोटर, मतदान करने से छूट गए है, इसी कारण उनकी हार हो गई। यह सोची समझी साजिश थी। वहीं नीलम धामा की ओर से मान ने बताया चुनाव में फर्जी वोट डाली गई है। जेल में बंद दर्जनों लोगों की वोट डाल दी, इसी तरह सैकड़ों लोग जो कस्बे में भी नहीं रहते है, उनके नाम से भी वोट डाली । उन्होंने क्षेत्रीय नेताओं पर भी मतगणना में धांधली कराने का आरोप लगाया है। अधिवक्ता ओमपाल मान ने बताया चुनाव में कई प्रशासनिक अफसरों ने क्षेत्रीय नेताओं से मिलकर गड़बड़ी कराई है। उन्होंने मामले की जांच कर उनके खिलाफ कार्रवाई की कोर्ट से मांग की है। मान ने बताया बड़ौत निकाय का चुनाव दोबारा कराने और खेकड़ा के चुनाव की पुन: मतगणना कराने की कोर्ट से मांग की है।