बागपत। गुड्डी की गला रेतकर हत्या में कई राज छिपे हैं। सबसे बड़ा सवाल है कि बड़ौत से गुड्डी ट्यौढ़ी के जंगल तक क्यों, किसके साथ और कैसे पहुंची। पुलिस को अंदेशा है वारदात में कोई ऐसा व्यक्ति शामिल रहा है, जिससे गुड्डी परिचित थी और उसके साथ वह बड़ौत से ट्यौढ़ी के जंगल तक आसानी से पहुंच गई।
बिजवाड़ा से गुड्डी रोजमर्रा की तरह मंगलवार दोपहर को भी ऑटो में सवार होकर बड़ौत तक पहुंची, लेकिन इसके बाद उसका सुराग नहीं लगा। महिला न अपने घर पहुंची और न ही सिलाई सेंटर। बुधवार को लाश मिली तो सब सहम गए। पुलिस इस बिंदू की जांच कर रही है आखिर बड़ौत से वह किसके साथ सुनसान जंगल में पहुंची। बड़ौत थानाध्यक्ष हरेराम यादव का कहना है कि प्रथम दृष्टता प्रतीत हो रहा है कि गुड्डी को कोई परिचित ट्यौढ़ी लेकर गया। इसीलिए हत्या में किसी नजदीकी का ही हाथ होने का अंदेशा है। प्राथमिक जांच में अपहरण कर हत्या करने का मामला सामने नहीं आ रहा है। फिर भी हर बिंदू पर जांच चल रही है। ससुराल के लोगों का दावा है कि अपहरण कर हत्या की।
पंचायत कर ससुराल भेजी गुड्डी
बागपत। मृतका के भाई पीतम सिंह ने बताया गुड्डी के साथ ससुराल में कई बार झगड़ा भी हुआ। पांच साल पहले तो उनके गांव दयालपुर में पंचायत हुई थी। पंचों के समझौता कराने के बाद ही गुड्डी को ससुराल में भेजा । उधर, गुड्डी के पति जयवीर और अन्य लोगों ने किसी तरह के घरेलू विवाद होने से इंकार किया । गुड्डी का पति दिल्ली में भवन सामग्री बेचने का काम करता है।
सीमा विवाद में उलझी रही पुलिस
बागपत। पीड़ित परिवार का कहना है कि गुड्डी के घर नहीं लौटने पर उन्होंने यूपी डायल 100 पर कॉल कर मामले की जानकारी दी। पुलिस घर पहुंची और परिवार के एक सदस्य को लेकर बिनौली थाने तक गई। पुलिस ने पूरा मामला सुना और इसके बाद कहा लापता महिला क्योंकि बड़ौत तक गई है, इसलिए बड़ौत में मामला दर्ज कराएं। पीड़ित परिवार के सदस्य इसके बाद घर लौट गए और दिन निकलने पर फिर तलाश शुरू कर दी। दोपहर के समय हत्या की सूचना मिलने पर परिवार के सदस्य ट्यौढ़ी पहुंच गए।