फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नीटू को मारकर लिया भाइयों की मौत का बदला

विज्ञापन
विज्ञापन
बागपत। बिनौली थाना क्षेत्र के धनौरा सिल्वरनगर गांव में किसान सतपाल उर्फ नीटू की हत्या में पुलिस ने बीए की छात्रा सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने कहा दो सगे भाइयों की मौत का बदला लेने की लिए किसान की गोली मारकर हत्या की। छात्रा ने तमंचे से गोलियां चलाई। पुलिस ने उनकी निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त दो तमंचे, कारतूस व खोखे बरामद किए। तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने तीनों तो जेल भेजा।
विज्ञापन

एसपी शैलेश कुमार पांडेय ने बताया कि धनौरा सिल्वरनगर गांव में 20 अप्रैल को किसान सतपाल उर्फ नीटू पुत्र मुंशी की गोली मारकर हत्या की। मृतक के भाई कुलदीप ने आनंद राणा , मोहन देवी, खुशबू , सीमा और देवकरण निवासी धनौरा सिल्वरनगर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने आरोपी आनंद, मोहन देवी व खुशबू को बिजवाड़ा गेट के पास से गिरफ्तार कर लिया। उनकी निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त 315 बोर के दो तमंचे, कारतूस व खोखा बरामद किया। पुलिस ने बताया कि मृतक नीटू आरोपी आनंद का तेहरा भाई था। वर्ष 2017 में आनंद के बेटे अंकित का शव पेड़ पर लटका मिला। इसके बाद 22 अगस्त 2018 को आनंद के दूसरे बेटे गौरव की फावड़े से काटकर हत्या की। इसमें मृतक सतपाल उर्फ नीटू के परिवार के अजय और पारूल को नामजद कराया। आरोपी आनंद ने अपने दोनों बेटों की हत्या का बदला लेने के लिए सतपाल उर्फ नीटू की हत्या की। आरोपी आनंद की बेटी खुशबू ने तमंचे से गोलियां चलाई। पुलिस ने तीनों को न्यायालय में पेश किया। कोर्ट से उन्हें जेल भेजा। एसपी ने बताया कि सीमा और देवकरण की नामजदगी की जांच चल रही है। उनकी जांच कराई जा रही है। जांच के बाद कार्रवाई होगी।

एसपी ऑफिस में बोली, एक को मारा.. अभी छह बाकी
बागपत। एसपी ऑफिस परिसर में पुलिस की जीप में बैठी आरोपी छात्रा खुशबू और उसकी मां मोहन देवी के चेहरे पर शिकन तक नहीं दिखी। पत्रकारों ने जब उनसे पूछा कि नीटू की हत्या क्यों की, तो आरोपी खुशबू ने कहा कि भाइयों की हत्या का बदला लिया है। अभी तो एक को ही मौत के घाट उतारा है, उनके निशाने पर अभी छह लोग और हैं। जब तक एक-एक को चुन-चुन कर नहीं मार देंगे, हम चैन से नहीं बैठने वाले। जेल से छूटने के बाद फिर हत्या की धमकी दी। खुशबू ने यह भी दावा किया कि मृतक सतपाल उर्फ नीटू ने उसे मारने की भी धमकी दी थी। यदि वह उसे नहीं मारती तो वह हमें मार देता। 20 अप्रैल को मृतक सतपाल अपने दो साथियों के साथ गांव में आया। उन्होंने उसे दुकान पर खड़ा देख लिया था। इसके बाद वह तमंचा लेकर आई और उसकी मां मोहन देवी गंडासा लिए हुए थी। मां ने उसे रास्ते में रोक लिया। खुशबू ने तमंचे से सीने में गोली मार दी। गोली लगने के बाद वह नाली में गिर गया। इसके बाद तीन गोलियां और चलाई। हत्या करने के बाद दोनों अपने घर पहुंची। यहां से खुशबू अपने पिता आनंद के साथ बाइक पर सवार होकर फरार हो गई। मां एक घंटे तक घर पर ही रही। खुशबू व उसके पिता बागपत कोतवाली क्षेत्र के हरचंदपुर गांव में रिश्तेदारी में चले गए। आरोपी मोहन देवी थाने पहुंच गई।
विज्ञापन


बदला लेने के लिए पहली बार चलाई गोली
बागपत। आरोपी खुशबू ने पुलिस के सामने बताया कि उसने पहले कभी तमंचे से गोली नहीं चलाई। सतपाल उर्फ नीटू पर गोली चलाई। उसके अंदर भाइयों की मौत का बदला लेने के लिए आग धधक रही थी।

पुलिस से न्याय नहीं मिला तो उठाए हथियार
बागपत। आरोपी आनंद ने बताया कि न्याय की आस में कई माह तक पुलिस अधिकारियों के चक्कर काटते रहे, लेकिन उन्हें इंसाफ नहीं मिला। उसके बेटे गौरव की हत्या में उन्होंने सतपाल उर्फ नीटू, ऋषि, निशांत, पारूल निवासी धनौरा सिल्वरनगर को नामजद किया, लेकिन पुलिस ने सतपाल, ऋषि और निशांत के नाम निकाल दिए। पुलिस ने पारूल, उसके दोस्त रोबिन निवासी करनावाल जनपद मेरठ, फुफेरे भाई अनुज निवासी पानीपत हरियाणा को जेल भेजा। मृतक सतपाल उन्हें मारने की धमकी देता था। उनके साथ हथियार उठाने के अलावा और कोई रास्ता नहीं बचा था। आरोपियों ने यह भी कहा कि मोहन देवी खुद ही हत्या के बाद थाने पहुंची थी।

देवी सिंह हत्याकांड के बाद सतपाल से शुरू हुई रंजिश
बागपत। धनौरा सिल्वरनगर गांव के आरोपी आनंद ने बताया कि देवी सिंह और थान सिंह परिवारों के बीच शुरू हुई रंजिश की आंच उनके परिवार तक भी पहुंच गई। देवी सिंह और थान सिंह में खेत में चकरोड को लेकर विवाद शुरू हुआ । मृतक देवी सिंह ने वर्ष 2014 में अपने छोटे भाई सुमित की हत्या कर उसका इलजाम उसके परिवार के सुनील पर लगाया। इसके बाद वर्ष 2016 में देवी सिंह की हत्या कर दी। इसमें आनंद, उसके बेटे गौरव व भतीजे देवकरण को झूठा फंसाया। तीनों को जेल जाना पड़ा। मृतक सतपाल उर्फ नीटू पहले से उनसे चिढ़ता था। वह मृतक देवी सिंह पक्ष के साथ मिलकर उन्हें झूठे मुकदमों में फंसाता था। इसके बाद सतपाल उर्फ नीटू के साथ उनकी रंजिश शुरू हो गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें