जेल से पैरोल पर छूटकर 17 साल से बाहर घूम रहे सजायाफ्ता को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। हाईकोर्ट ने उसके गैर जमानती वारंट भी जारी किए। वह सहकारी चीनी मिल में 30 साल पहले हुई गनमैन की हत्या में शामिल रहा है।
सहकारी चीनी मिल बागपत में 23 नवंबर 1989 को गनमैन कीरत सिंह की सात बदमाशों ने गोली मारकर हत्या की और उसकी बंदूक भी लूटकर ले गए। गनमैन के गोली चलाने से एक बदमाश की भी मौत हो गई । इस मामले में तत्कालीन लॉरी सुरक्षा अधिकारी इकबाल अहमद ने प्रदीप पुत्र स्वरूप सांसी निवासी दतियाना मुजफ्फरनगर, बाबू सासी और उसका बेटा हरपाल निवासी मोहल्ला मुगलपुरा बागपत हाल लोनी जनपद गाजियाबाद और चार अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया । पुलिस विवेचना में किरण पाल पुत्र घसीटा निवासी महल थाना इंचौली जनपद मेरठ, राजेंद्र पुत्र रामफल निवासी लक्ष्मी गार्डन लोनी जनपद गाजियाबाद, मनसब पुत्र निसार निवासी गांव नेकपुर थाना मुरादनगर जनपद गाजियाबाद के नाम प्रकाश में आए । 24 जनवरी 1990 को आरोपी हरपाल पुत्र बाबू ने मेरठ न्यायालय में सरेंडर किया। आरोपी प्रदीप की मौत हो चुकी है। मेरठ न्यायालय में 20 जनवरी 2011 को आरोपी हरपाल को सात साल की सजा और पांच हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। वर्ष 2002 में वह पैरोल पर जेल से छूट कर बाहर आ गया । इसके बाद वह न्यायालय मेें पेश नहीं हुआ। 17 साल से फरार चल रहा है। हाईकोर्ट ने भी आरोपी हरपाल के गैर जमानती वारंट जारी किए। पुलिस ने रविवार को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। कोतवाली प्रभारी शिव प्रकाश सिंह ने बताया कि आरोपी हरपाल को पकड़ लिया गया है। उसे न्यायालय में पेश किया जाएगा।