ढ़िकौली गांव के पहलवान अजय हत्याकांड में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। जमीन की रंजिश को लेकर तेहरे भाइयों ने हत्याकांड को अंजाम दिया। पुलिस ने उनकी निशानदेही पर हत्या मेें प्रयुक्त तमंचा, कारतूस व अल्टो कार बरामद की। इस मामले में अब दो आरोपी फरार हैं। पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया। कोर्ट से उन्हें जेल भेजा।
एएसपी राजेश कुमार श्रीवास्तव ने पत्रकारों को बताया कि 13 अगस्त को ढ़िकौली गांव में पहलवान अजय पुत्र वीरपाल की हत्या की। इस मामले में प्रधान के पति जय कुमार ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई । विवेचना के दौरान प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर मोनेंद्र और रविंद्र पुत्रगण चंद्रपाल, उनकी मां बिजेंद्री निवासी ढ़िकौली थाना चांदीनगर और मामा का बेटा सोनू निवासी हसनपुर जनपद हापुड़ के नाम प्रकाश में आए। पुलिस ने आरोपी मोनेंद्र कुमार व रविंद्र को गिरफ्तार कर पूछताछ की तो उन्होंने अपना जुर्म कबूल किया। उन्होंने पूछताछ में बताया कि चाचा पवन ने पिता चंद्रपाल पर जानलेवा हमला किया। आरोपी चाचा पवन का उनके मकान में भी साझा था। जिसको लेकर आए दिन झगड़ा होता रहा था। मृतक अजय चाचा के मुकदमे की पैरवी कर रहा था। उसके कई बार पैरवी करने से भी मना किया, लेकिन वह नहीं माना। इसी को लेकर उन्होंने अजय की गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त 315 बोर का तमंचा, कारतूस और अल्टो कार बरामद की । दोनों को न्यायालय में पेश किया। यहां से उन्हें जेल भेजा। एएसपी ने बताया कि फरार बिजेंद्र और सोनू की गिरफ्तार के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं।
इस तरह दिया वारदात को अंजाम
बागपत। आरोपी मोनेंद्र कुमार ने बताया कि 13 अगस्त को भाई रविंद्र के साथ मृतक अजय का झगड़ा हुआ। रविंद्र ने घर पहुंचकर इसके बारे में बताया। मोनेंद्र अपनी मां बिजेंद्र के साथ घेर में भूसा लेने चले गए। रास्ते में अजय ने मोनेंद्र के साथ भी मारपीट की और उसे जबरन घसीट कर अपने घर में अंदर ले गया। शोर सुनकर मां बिजेंद्र अपने हाथ में बलकटी लेकर आई और अजय के चेहरे पर प्रहार किया। इसके बाद रविंद्र व मामा का बेटा सोनू मौके पर आ गए और दोनों ने गोलियों से भूनकर अजय की हत्या कर दी। इसके बाद मोनेंद्र, रविंद्र व सोनू कार से फरार हो गए।
हिस्ट्रीशीटर कंवर पाल का साथी है आरोपी रविंद्र
बागपत। आरोपी रविंद्र चांदीनगर थाने के हिस्ट्रीशीटर कंवर पाल उर्फ गैंठा का साथी है। रविंद्र ने 2013 निरपुड़ा गांव में मोनू की गोली मारकर हत्या की थी। उसके खिलाफ दोघट थाने में मुकदमा दर्ज है। इसके अलावा चांदीनगर थाने में 25/27 आर्म एक्ट व हत्या का मुकदमा दर्ज है।
पिता की हत्या को बना दिया आत्महत्या
बागपत। आरोपी मोनेंद्र ने बताया कि 24 अप्रैल को उसके पिता चंद्रपाल का शव पेड़ पर लटका मिला था। पिता की हत्या की। जिला जेल में बंद चाचा पवन ने उनकी हत्या कराई । उन्हें मृतक अजय पर भी हत्या कराने का शक था। पुलिस ने हत्या को आत्महत्या दर्शा दिया। इसके बाद मृतक अजय उन पर हावी हो गया। उनके साथ गाली गलौच करता था। इससे वे तंग आ चुके हैं।