बागपत। जिला अस्पताल में ऑपरेशन से महिला ने बच्ची को जन्म दिया। अस्पताल में महिला की मौत की हो गई। परिजनों का आरोप है कि चिकित्सकों ने महिला को मृत अवस्था में मेरठ रेफर किया। एंबुलेंस से परिजन उसे सीएचसी बागपत लेकर पहुंचे। वहां के चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजन शव को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे और हंगामा किया। इस दौरान मायके और ससुराल वालों में मारपीट हो गई। मायके वाले शव को साथ ले गए और बिना कोई कानूनी कार्रवाई के शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
बालैनी थाना क्षेत्र के डौलचा गांव निवासी शेर सिंह ने तीन साल पहले अपनी बेटी प्रियंका की शादी माता कॉलोनी बागपत निवासी दीपक पुत्र मदन के साथ की । उसके डेढ़ साल की बेटी है। सात माह से पति-पत्नी में मनमुटाव के चलते वह मायके डौलचा में ही रही थी। वह गर्भवती थी। पिता ने बताया रविवार को प्रियंका को प्रसव पीड़ा हुई। परिजनों ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया। सोमवार की रात में करीब आठ बजे ऑपरेशन से प्रियंका ने बच्ची को जन्म दिया। ऑपरेशन के बाद रात में उसकी हालत बिगड़ गई। रात्रि में करीब तीन बजे अस्पताल में प्रियंका की मौत हो गई।
आरोप है कि चिकित्सकों ने अपना पीछा छुड़ाने के लिए मृत महिला को मेरठ रेफर कर दिया। परिजन उसे एंबुलेंस में मेरठ के लिए लेकर चले तो रास्ते में कुछ अंदेशा हुआ। वे एंबुलेंस सीएचसी बागपत लेकर पहुंचे। वहां के चिकित्सकों ने महिला को मृत घोषित कर दिया। परिजन शव को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे और चिकित्सकों को खरी खोटी सुनाई। उन्होंने जिला अस्पताल में हंगामा भी किया। इसी दौरान महिला के ससुराल वाले भी जिला अस्पताल में पहुंचे। इस दौरान कहासुनी के बाद मायके और ससुराल वालों में मारपीट हो गई। बाद में मायके वाले महिला का शव डौलचा लेकर चले गए। उन्होंने बिना कानूनी कार्रवाई के शव का अंतिम संस्कार कर दिया। नवजात बच्ची भी मायके वालों के ही पास है।
दूसरी तरफ सीएमएस डॉ. बीएलएस कुशवाह ने बताया कि ऑपरेशन से महिला ने बच्ची को जन्म दिया । ऑपरेशन के बाद महिला की हालत बिगड़ गई । यहां से उसे मेरठ रेफर किया। बीच रास्ते में महिला ने दम तोड़ दिया। जिला अस्पताल में महिला की मौत नहीं हुई।