बागपत। जिला आबकारी कार्यालय में तैनात महिला कांस्टेबल से छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। महिला कांस्टेबल ने जिला आबकारी अधिकारी पर छेड़छाड़ का आरोप लगाकर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
जिला आबकारी कार्यालय में तैनात महिला कांस्टेबल ने पुलिस को बताया कि उसकी ड्यूटी आबकारी चौकी गौरीपुर में है, लेकिन जिला आबकारी अधिकारी राम उजागिर मौर्य ने छह माह से उन्हें अपने कार्यालय से संबद्ध कर रखा है। डीईओ उनका मानसिक उत्पीड़न कर रहे हैं। 12 अप्रैल को महिला कांस्टेबल कार्यालय में ड्यूटी पर आई। डीईओ ने उन्हें अपने कार्यालय में बुलाया और अश्लील बातें करने लगे। कुर्सी पर बैठा लिया और लालच दिया। महिला कांस्टेबल सब कुछ सहन करती रही। इसके बाद डीईओ ने उनके साथ छेड़छाड़ करनी शुरू कर दी। महिला कांस्टेबल ने इसका विरोध किया तो उन्हें निलंबित करने की धमकी दी। महिला ने शोर मचा दिया। कार्यालय में कार्य कर रहे अन्य कर्मचारी शोर सुनकर वहां पहुंचे। इसको लेकर हंगामा हुआ। कोतवाली में धारा 354 में मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी। कोतवाली प्रभारी दिनेश कुमार ने बताया कि जिला आबकारी कार्यालय में तैनात महिला कांस्टेबल ने शिकायत की। इस संबंध में जिला आबकारी अधिकारी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
निलंबित करने पर झूठा मुकदमा कराया
बागपत। छेड़छाड़ के आरोपों से घिरे जिला आबकारी अधिकारी राम उजागिर मौर्य ने दावा किया कि महिला कांस्टेबल पिछले 22 दिन से ड्यूटी पर नहीं आ रही थी। 12 अप्रैल को जब वे ड्यूटी पर आई तो उनसे स्पष्टीकरण मांगा, लेकिन वह कोई जवाब नहीं दे पाई। इस पर उन्होंने महिला कांस्टेबल को निलंबित कर दिया। इस कारण उनके खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज कराया है। उनके ऊपर जो आरोप लगाए गए हैं, वह निराधार है।
नाम लिखने में हो गई चूक
बागपत। पीड़ित आबकारी महिला कांस्टेबल की ओर से दी तहरीर में जिला आबकारी अधिकारी का नाम राम कुमार आर्य दर्शाया गया है। महिला कांस्टेबल ने बताया कि वह बहुत डरी हुई थी। जल्दबाजी में तहरीर लिखी गई है। जल्दी में नाम गलत लिखा गया। कोतवाली प्रभारी दिनेश कुमार ने बताया कि कोर्ट में पीड़ित के बयान के बाद नाम संशोधित कर लिया जाएगा।