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लापरवाह पुलिसवालों पर गिरेगी गाज

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बागपत। लुहारी गांव के युवक अजेंद्र पाल की मौत के राज से पांच साल बाद पर्दा उठा है। पुलिस वालों ने उसकी हादसे में ही जान जाना मान लिया था और फाइल बंद कर दी थी। हाईकोर्ट के आदेश पर पुन: केस की विवेचना हुआ तो स्थिति स्पष्ट हो गई। पुलिस ने हत्या करने के आरोपी व्यक्ति को जेल भेज दिया है। एएसपी केस की विवेचना कर रहे है। केस में लापरवाही बरतने वाले पुलिस वालों पर गाज गिरनी तय है।
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लुहारी गांव के युवक अजेंद्र पाल की वर्ष 2012 में अमीनगर सराय-बिनौली मार्ग पर कैड़वा गांव के पास मौत हुई । उसके गांव के ही साथी जितेंद्र ने सड़क हादसे में मौत होना बताकर अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ सिंघावली अहीर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। अजेंद्र पाल की पत्नी ब्रिजेश साथी जितेंद्र पर ही हत्या करने का आरोप लगा रही थी। पुलिस ने ब्रिजेश की शिकायत पर ध्यान नहीं दिया और अजेंद्र पाल की सड़क हादसे में जान जाना मानते हुए केस में फाइनल रिपोर्ट लगा दी और कोर्ट में इसको दाखिल कर दिया ।
पीड़ित ब्रिजेश ने हाईकोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया। हाईकोर्ट ने पुन: विवेचना करने के आदेश दिए। पुलिस अफसरों ने इसकी विवेचना सिंघावली अहीर थाने से बागपत कोतवाली ट्रांसफर कर दी । केस के विवेचक धर्मेंद्र सिंह संधु ने विवेचना की तो प्रकाश में आया कि जितेंद्र ने ही उसकी हत्या की । पुलिस ने 20 नवंबर को आरोपी जितेंद्र को गिरफ्तार किया। उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेजा। एसपी जय प्रकाश ने केस की विवेचना एएसपी अजय कुमार सिंह को सौंपी। पुलिस सूत्रों की माने तो इस मामले में कई पुलिस वालों की लापरवाही रही है। इस कारण केस की सहीं विवेचना नहीं हो पाई। एसपी जय प्रकाश ने कहा विवेचना में जिन पुलिस वालों की लापरवाही सामने आएगी, उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।
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