बागपत। यूपी-हरियाणा बॉर्डर के निवाड़ा चौकी पर शराब के साथ पकड़े गए तीन आरोपियों ने खुलासा किया है कि उनको तो सीमा पार कराने के लिए शराब से लदी गाड़ी दी। इसके लिए उनको थोड़े रुपये देने का लालच दिया । तीनों आरोपियों को पुलिस ने जेल भेजा। शराब तस्करों का दोनों राज्यों में बड़ा जाल फेला है। तस्करी के लिए कोड वर्ड तक जारी किए हैं।
शामली के रामपुर खेड़ी निवासी आशीष और ब्रजमोहन निवासी मुड़ाला पट्टी खेकड़ा को निवाड़ा चौकी पुलिस ने कैंटर में 200 पेटी शराब के साथ पकड़ा था। इसके अलावा राहुल निवासी झज्जर (सोनीपत) को होंडा सिटी गाड़ी में 30 पेटी देशी शराब लाते हुए गिरफ्तार किया । तीनों आरोपियों से पुलिस ने पूछताछ की। एएसपी अजय कुमार सिंह ने पत्रकार वार्ता में बताया यूपी में शराब लाने के लिए तस्कर लोगों को हायर करते हैं। उनको नहीं पता होता है कि शराब कहां और किसके पास जा रही है। उनको थोड़ा रुपये देने का लालच दिया जाता है। एएसपी ने कहा इस गैंग में जो लोग शामिल हैं। उनका पता लगाकर गिरफ्तार किया जाएगा।
जो खुद को प्रधान बोले, उसको गाड़ी दे देना
बागपत। कैंटर के साथ पकड़े गए आरोपियों ने कहा शराब तस्कर शराब से लदी गाड़ी को हरियाणा में दे देते हैं। कहते है कि बागपत में पहुंचकर जो खुद को प्रधान बोलेगा, उसको गाड़ी दे देना।
कर्ज चुकाने को शुरू की शराब तस्करी
बागपत। आरोपी ब्रजमोहन ने बताया उस पर 90 हजार रुपये कर्ज है। वह साहूकार को ब्याज के सात हजार रुपये प्रतिमाह देता है। कर्ज चुकाने के लिए उसने शराब की तस्करी करना शुरू किया । उसे गाड़ी के प्रति चक्कर पांच हजार रुपये और यूपी-हरियाणा बार्डर पार करने के 1500 रुपये मिलते हैं।