बागपत। यांत्रिक कत्ल खाने को बंद कराने की मांग को लेकर बड़ौत में छह साल पहले धरने-प्रदर्शन और बवाल के मामले में कोर्ट ने भाजपा नेत्री साध्वी प्राची आर्य समेत पांच आरोपियों को बरी किया। सीजेएम मुकेश कुमार सिंह ने साक्ष्यों के अभाव में आरोपियों को दोषमुक्त किया। प्रकरण से जिले में तनाव बन गया था।
बड़ौत के दिगंबर जैन इंटर कॉलेज में 24 अप्रैल से 11 मई 2011 तक यांत्रिक कत्लखाने को बंद कराने की मांग को लेकर जैन मुनि मैत्री प्रभु सागर ने अनशन किया था। अनशन के दौरान बड़ौत में हंगामा हुआ और तनावपूर्ण माहौल बन गया था। बवाल, आगजनी, तोड़फोड़ भी हुई थी। बड़ौत कोतवाली के तत्कालीन प्रभारी अजय कुमार ने पूर्व विधायक त्रिपाल धामा, भाजपा नेत्री साध्वी प्राची आर्य, सचिन जैन, रवि शास्त्री, मुनेश बरवाला, स्वामी दयानंद, उत्तम चंद, गोविंद सिंह प्रचारक आरएसएस, मैत्री सागर महाराज के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। विवेचना के दौरान बरनावा के पूर्व विधायक त्रिपाल धामा की मौत हो गई । पुलिस ने भाजपा युवा मोर्चा के सचिन जैन, शबगा के रवि शास्त्री, बरवाला के मुनेश, सिरसली की साध्वी प्राची और प्रचारक गोविंद के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। बचाव पक्ष के अधिवक्ता रामपाल नेहरा और राहुल नेहरा ने बताया कि सीजेएम मुकेश कुमार सिंह ने पांचों आरोपियों को बुधवार को प्रकरण में दोषमुक्त करार दिया। सुनवाई के दौरान आरोपी कोर्ट में मौजूद थे। वादी पक्ष आरोप सिद्ध नहीं कर सका।
गौरक्षा के लिए जारी रहेगा आंदोलन: प्राची
बागपत। साध्वी प्राची आर्य ने अदालत के फैसले के बाद पत्रकारों से बातचीत में कहा कि गौरक्षा के लिए आंदोलन जारी रहेगा। किसी भी कीमत पर गोहत्या नहीं होने दी जाएगी। यह मानवता और इंसाफ की लड़ाई है। इसके अलावा उन्होंने दोहराया कि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण जरूर होगा। यह फिर से दोहराया कि ताजमहल में शिव चालीसा पढ़ा जाना चाहिए।