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यूपी बॉर्डर पर मोर्चा खुलते ही बागपत में अलर्ट

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बागपत। किसान क्रांति यात्रा में शामिल किसानों और पुलिस के बीच यूपी बॉर्डर पर मोर्चा बंदी होते ही बागपत में अलर्ट घोषित किया। गांव से लेकर शहर तक किसानों की नजर यूपी बॉर्डर पर टिक गई। पुलिस और प्रशासन भी पल-पल की खबर लेता रहा। कई जगह चेकिंग अभियान चलाया। किसानों ने लाठीचार्ज की निंदा की।
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हरिद्वार से रवाना हुई किसान क्रांति यात्रा का मंगलवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर समापन होना था, लेकिन पुलिस ने गाजियाबाद में यूपी गेट पर किसानों के काफिले को रोक लिया। दिल्ली में एंट्री की कोशिश कर रहे किसानों पर आंसू गैस छोड़ी गई। मोर्चा बंदी होते ही जिले में पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने अलर्ट घोषित कर दिया। थानाध्यक्ष अपने-अपने क्षेत्रों में भ्रमण पर निकले और चेकिंग अभियान चलाया। पुलिस हरकत में नजर आई। एसपी शैलेश पांडेय ने बताया कि जनपद में अलर्ट जारी किया है। जैसे ही देहात तक किसानों को रोके जाने की खबर पहुंची ग्रामीण पल-पल की जानकारी लेने लगे। सोशल मीडिया और समाचार चैनलों के जरिया ताजा हालात जाने गए। कई गांव में दिल्ली कूच की तैयारियां की गई। किसानों का कहना था कि सरकार का रवैया बेहद गलत है।

सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रवाना हुए किसान
बागपत। किसान क्रांति यात्रा में शामिल होने के लिए जिले के किसान मंगलवार को भी रवाना हुए। शहर के राष्ट्र वंदना चौक पर किसान भाकियू नेताओं की अगुवाई में एकत्र हुए। यहां पर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। भाकियू नेता राजेंद्र चौधरी ने कहा सरकार ने किसानों को बोझ में दबाया। ऐसा लगता है कि किसानों के कभी अच्छे दिन नहीं आएंगे। भाकियू जिलाध्यक्ष प्रताप गुर्जर ने कहा कि किसानों पर अत्याचार सहन नहीं होगा। इसमें योगेश शर्मा, नरेंद्र सिंह, हिम्मत सिंह, इंद्रपाल सिंह, राजेश कुमार आदि रहे।
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बागपत के किसानों ने भी लिया मोर्चा
बागपत। यूपी बॉर्डर पर पुलिस और किसानों के बीच मोर्चा बंदी हुई। बागपत के किसानों ने भी पुलिस से मोर्चा लिया। जिले के किसान आंदोलन में शामिल रहे। दोघट क्षेत्र से बड़ी संख्या में किसान यूपी बॉर्डर गए हैं।
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