बागपत। दोघट थानाध्यक्ष पर अपहरण और गैंगरेप के मामले में पीड़ित पक्ष को 50 हजार रुपये देकर फैसले का दबाव बनाने का आरोप लगाया। आरोप है कि उन्होंने फैसला नहीं करने पर पीड़ित परिवार के एक युवक खिलाफ छेड़छाड़ का झूठा मुकदमा दर्ज कराया। पीड़ित परिवार ने इस संबंध में आईजी को शिकायत की । आईजी के आदेश पर एसपी ने मामले की जांच एएसपी को सौंपी है। उधर, एसओ ने कहा सभी आरोप निराधार हैं।
पीड़ित किशोरी के भाई ने आईजी को बताया कि दोघट थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी 16 वर्षीय किशोरी का दो युवक पांच अप्रैल को घर से अपहरण करके ले गए थे और दिल्ली में दो दिन तक बंधक बनाकर उसके साथ गैंगरेप किया । इस मामले में आठ अप्रैल को किशोरी के पिता ने सावन, बलराम व गीता के खिलाफ दोघट थाने पर मुकदमा दर्ज कराया । पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा। आरोपी महिला फरार चल रही है। आरोपी पक्ष के लोगों ने कई बार लालच देकर पीड़ित परिवार पर फैसले का दबाव बनाया, लेकिन उन्होंने फैसला करने से मना कर दिया।
आरोप है कि दोघट थानाध्यक्ष चितवन कुमार से मिलकर पीड़ित परिवार और घटना के गवाह को झूठे मुकदमे में फंसाकर जेल भेजने की धमकी देकर पुलिस से प्रताड़ित करा रहे हैं। आरोप लगाया कि दोघट थानाध्यक्ष चितवन कुमार ने पीड़ित पक्ष के लोगों को बयान दर्ज कराने के बहाने थाने में बुलाया और उनसे अपहरण व गैंगरेप के मुकदमे में 50 हजार रुपये लेकर फैसला करने का दबाव बनाया। कुछ कागजात उनके सामने हस्ताक्षर करने के लिए रख दिए। उन्होंने रुपये लेने और फैसला करने से साफ इंकार कर दिया। आरोप है कि इसी वजह से एसओ ने आरोपी पक्ष की तरफ से पीड़ित पक्ष के युवक पर युवती से छेड़छाड़ की धाराओं में झूठा मुकदमा दर्ज करा दिया। आईजी को शिकायत की तो एसपी तक मामला पहुंचा। आईजी के आदेश पर एसपी जयप्रकाश ने एएसपी आशीष श्रीवास्तव को जांच सौंपी है। इस संबंध में एसपी जयप्रकाश ने बताया कि अपहरण और गैंगरेप के मामले में दो आरोपियों को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। एक महिला आरोपी शेष है। उसे भी पकड़ लिया जाएगा। दोघट थानाध्यक्ष पर लगे आरोपों की जांच की जा रही है। दोघट एसओ चितवन कुमार ने बताया कि सभी आरोप गलत है। उन्होंने किसी पर दबाव नहीं बनाया है।