दोघट (बागपत)। निरपुड़ा गांव में ढाई साल की मासूम बच्ची नबिया की हत्या के मामले में पुलिस को अभी तक कोई सुराग हाथ नहीं लगा है। जबकि बच्ची की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में तालाब में डूबने से मौत का कारण आया है। पोस्टमार्टम में बच्ची के पेट से कीचड़ निकला है। उधर, बच्ची के परिजनों ने पुलिस पर गुमराह करने का आरोप लगाया है। उन्होंने पुलिस को खुलासे के लिए दो दिन का अल्टीमेटम दिया। यदि खुलासा नहीं हुआ तो उग्र धरना-प्रदर्शन होगा।
निरपुड़ा गांव में ढाई साल की बच्ची नबिया की अपहरण के बाद हत्या कर दी। शुक्रवार को बच्ची का शव तालाब में मिला । हत्या के बाद ग्रामीणों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा किया । एसपी के आश्वासन पर ग्रामीण शांत हुए थे। इस मामले में 36 घंटे बाद भी पुलिस को कोई सुराग हाथ नहीं लगा है। पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है। वहीं बच्ची की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में तालाब में डूबने से मौत का कारण आया है। पोस्टमार्टम के दौरान बच्ची के पेट और गले से तालाब का कीचड़ निकला है। उसके शरीर पर चोट का कोई निशान भी नहीं मिला है। मृतक बच्ची के पिता सरफराज ने बताया कि पुलिस उन्हें गुमराह कर रही है। उनकी बेटी की हत्या हुई है। पुलिस आरोपियों को बचाने का काम कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट तक बदल दी। उन्होंने कहा यदि खुलासा नहीं हुआ तो उग्र आंदोलन होगा।
यह है पुलिस की कहानी
बागपत। एसपी जयप्रकाश ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट हो गया है कि बच्ची की हत्या नहीं हुई है। पुलिस किसी को गुमराह नहीं कर रही है। जिस दिन बच्ची गायब हुई थी, उस दिन गांव में बारात आई हुई थी और वहां से एक जनाजा भी गुजरा था। हो सकता है कि बच्ची बारात में आए बच्ची के साथ तालाब तक पहुंच गई हो और पैर फिसलने से तालाब में गिर गई हो।
तालाब तक कैसे पहुंची नबिया
दोघट (बागपत)। बच्ची तालाब तक कैसे पहुंची और किसके साथ पहुंची, पुलिस इन बिंदुओं पर जांच कर रही है। सवाल है कि आखिर बच्ची तालाब के किनारे कैसे पहुंची। परिजनों का कहना है कि वह अकेली तालाब के किनारे नहीं पहुंच सकती, किसी ने उसे तालाब में फेंका है।
शोक संवेदना देने वालों का तांता लगा
दोघट (बागपत)। निरपुड़ा में नबिया की अपहरण के बाद हत्या के बाद शनिवार को घर में परिजनों को शोक संवेदना देने वालों का तांता लगा रहा। लोगों ने पहुंचकर मृतक बच्ची को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस मौके पर जिला पंचायत सदस्य रहीसुद्दीन, निश्चय राणा, हाजी मुस्तफा, आशु कुरैशी, बाबू कुरैशी, इसरार, हरबीर, पिंकी, मुरसलीम, तेजपाल सिंह आदि रहे है।