दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर नैथला मोड़ के पास कार में सवार 5-6 लोगों ने 20 दिन पहले दंपति को अगवा करने का प्रयास किया । इस मामले में हरियाणा के भट्ठा मालिक सहित छह लोगों के खिलाफ कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई।
बागपत के खेकड़ी गांव निवासी इरशाद पुत्र शरीफ ने बताया कि वह अपने परिवार सहित सिलाना थाना खरखौदा जनपद सोनीपत हरियाणा में सुंदर के ईंट भट्ठे पर मजदूरी करते थे। आठ माह तक काम करने के बाद भट्ठा मालिक ने उन्हें मजदूरी के रुपये नहीं दिए। जब रुपये मांगे तो उसके पूरे परिवार को भट्ठे पर बंधक बनाया और काम कराने लगे। परिजनों ने उच्च न्यायालय पंजाब एवं हरियाणा में याचिका दायर कर उन्हें बंधन मुक्त कराने की मांग की। इस पर 13 मार्च को उच्च न्यायालय ने परिवार को भट्ठे से बंधन मुक्त कराने के निर्देश दिए। भट्ठा मालिक को जब इसका पता चला तो उन्हें अज्ञात जगह ले गए और कई दिन तक उन्हें भूखा प्यासा रखा। 18 मार्च को इरशाद, उसकी पत्नी नसरीन और छोटा भाई मौसम भाग निकले और अपने गांव खेकड़ी आ गए। इस मामले में उच्च न्यायालय पंजाब एवं हरियाणा में मुकदमा चल रहा है। 25 मार्च को इरशाद अपने पत्नी को बाइक पर लेकर बागपत जा रहा था।
दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर नैथला मोड़ के पास कार में सवार 5-6 लोगों ने दोनों को अगवा करने की कोशिश की। पत्नी को जबरन कार में डाल लिया था। मौके पर भीड़ जमा हो गई। लोगों ने इसका विरोध किया तो आरोपी दंपति को जान से मारने की धमकी देकर भाग निकले। इस मामले में 20 दिन बाद इदशाद ने बागपत कोतवाली में सिलाना जनपद सोनीपत हरियाणा निवासी भट्ठा मालिक सुंदर सहित छह लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई । इस संबंध में कोतवाली प्रभारी दिनेश कुमार ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद कार्रवाई होगी।