बड़ौत में नौकर ने ही अपने साथियों के साथ मिलकर किराना व्यापारी अविनाश से पांच लाख रुपये की लूट की । पुलिस ने नौकर सहित दो आरोपियों को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा किया। इस मामले में दो आरोपी फरार हैं। पुलिस ने दोनों की निशानदेही पर लूटी रकम, घटना में प्रयुक्त तमंचा और बाइक बरामद की। दोनों के खिलाफ कार्रवाई कर जेल भेजा।
एसपी शैलेश कुमार पांडेय ने पत्रकारों को बताया 22 अक्तूबर की रात 8:45 बजे के लगभग बड़ौत निवासी किराना व्यापारी अविनाश उर्फ मनी अपने पिता अनिल जैन के साथ बड़ौत के हाथी खाना बाजार स्थित अपनी परचून की दुकान को बंद कर स्कूटी से घर वापस लौट रहे थे। बड़े जैन मंदिर के पास अज्ञात बदमाशों ने स्कूटी रुकवाकर पांच लाख रुपये से भरा थैला लूट लिया था। विरोध करने पर अविनाश को गोली मारकर घायल किया। घायल को निजी अस्पताल में भर्ती कराया। घायल व्यापारी के ताऊ सुशील जैन ने बड़ौत कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया। विवेचना के दौरान प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर अजय पुत्र तेजराम, अंकित सैनी पुत्र भारत भूषण निवासी शांति नगर पट्टी चौधरान बड़ौत, टोनी उर्फ निखिल पुत्र मोटर उर्फ परविंद्र निवासी छपरौली रोड बड़ौत, गोलू उर्फ समय पुत्र राकेश निवासी मोहल्ला किदवई नगर पट्टी चौधरान बड़ौत के नाम प्रकाश में आए। पुलिस ने बुधवार को मलकपुर गांव के जंगल से मुठभेड़ के बाद आरोपी अजय और अंकित सैनी को गिरफ्तार किया। उनके कब्जे से चोरी की बाइक, 315 बोर का तमंचा, दो कारतूस, बरामद हुए। जबकि टोनी उर्फ निखिल और गोलू उर्फ समय मौके से भागने में कामयाब हो गए।
आरोपियों ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि आरोपी अजय व्यापारी अनिल जैन की दुकान पर काम करता था। अजय मकान बना कर रहा है, इसलिए उसे रुपये की जरूरत है। उसने अपने साथी अंकित सैनी से रुपये का जिक्र किया। उन्होंने व्यापारी अनिल जैन से लूट की योजना बनाई। अंकित सैनी ने अपने दो साथी टोनी व गोलू को सहमत कर लूट की घटना को अंजाम दिया। उनकी निशानदेही पर पुलिस ने लूटी गई नगदी में से 1.20 लाख रुपये भी बरामद किए। पुलिस ने दोनों को न्यायालय में पेश किया। कोर्ट से उन्हें जेल भेजा। एसपी ने बताया कि फरार दोनों आरोपियों की तलाश की जा रही है।
एसपी ने बताया कि व्यापारी अनिल जैन की दुकान पर काम करने वाले अजय ने 15 दिन पहले लूट की योजना बनाई। घटना वाले दिन उसने छुट्टी ले रखी थी और शाम के समय दुकान के पास की घूमता रहा। जब व्यापारी दुकान बंद कर घर के लिए चले तो उसने मोबाइल पर अपने दोस्त अंकित सैनी को सूचना दी। बड़ा जैन मंदिर के पास पहुंचते ही अंकित सैनी ने व्यापारी अविनाश की आंखों में मिर्ची पाउडर डाल दिया। टोनी उर्फ निखिल ने व्यापारी को गोली मार दी और नगदी से भरा थैला लूटकर भाग निकले। मंदिर के पास गोलू उर्फ समय बाइक लेकर खड़ा रहा। टोनी बाइक पर सवार हो गया और अंकित सैनी पैदल की घटना स्थल से भाग निकले। चारों बदमाश छपरौली रोड स्थित पूर्वी यमुना नहर के पुल पर मिले। यहां से मलकपुर गांव के जंगल में पहुंचे और नगदी से भरे थैले को जमीन में गाड़ दिया।
टोनी और अजय पहले भी जा चुके हैं जेल
बागपत। पुलिस ने आरोपी टोनी उर्फ निखिल का आपराधिक इतिहास मिला है। उस पर बड़ौत कोतवाली में दो मुकदमे दर्ज हैं। बड़ौत स्थित एक फैक्ट्री में गगन को गोली मारकर घायल करने के मामले में जेल में बंद था और कुछ दिन पूर्व ही जमानत पर छूटकर आया है। आरोपी अजय भी मारपीट के मामले में एक बार जेल जा चुका है।
पहले देखे थे सीसीटीवी कैमरे, भागने के पांच रास्ते
बागपत। पकड़े गए आरोपी अजय और अंकित सैनी ने बताया बड़ा जैन मंदिर के पास से भागना आसान। घटना स्थल से भागने के लिए पांच रास्ते हैं। संकीर्ण गलियां है और लाइटें भी नहीं जलती। घटना के दौरान पर अंधेरा था। इसका उन्होंने फायदा उठाया। कई दिन तक व्यापारी की रेकी भी की। दुकान से घर तक रास्ते में कहां पर सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, उन्हें भी दिखा। मंदिर के पास कोई सीसीटीवी कैमरा नहीं लगा है।
बराबर वाली दुकान से खरीदा मिर्ची पाउडर
बागपत। आरोपी अजय ने बताया कि उसने व्यापारी अविनाश की दुकान के बराबर वाली दुकान से मिर्ची पाउडर खरीदा था और अपने दोस्त अंकित सैनी को दे दिया।
चार घंटे चला घायल व्यापारी का आपरेशन
बागपत। घायल व्यापारी अविनाश का दिल्ली के फॉरटिस अस्पताल में इलाज चल रहा है। ताऊ सुशील जैन ने बताया कि चार घंटे तक उसके पैर का आपरेशन चला। गोली पैर में लगकर पार निकल गई थी। उसका पैर खराब भी हो सकता है।
एसपी ने व्यापारियों से कहा, सीसीटीवी लगवाएं
बागपत। घटना के खुलासे से पीड़ित परिवार संतुष्ट है। बड़ौत के व्यापारियों ने एसपी शैलेश कुमार पांडेय से मुलाकात की। घटना का खुलासा करने पर पुलिस का आभार व्यक्त किया। एसपी ने व्यापारियों से अनुरोध किया तो वे अपने घर व दुकानों पर सीसीटीवी कैमरे अवश्य लगवाए। घटनास्थल के आसपास यदि सीसीटीवी कैमरे होते ही पुलिस के लिए आसानी होती।
पुलिस टीम को 25 हजार का ईनाम देने की घोषणा
बागपत। एसपी शैलेश कुमार पांडेय ने घटना का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को 25 हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की। पुलिस टीम में इंस्पेक्टर संजीव कुमार, एसएसआई रमेश सिंह सिद्धू, एसआई पंकज कुमार, मुनेश पाल सिंह, कांस्टेबल विकास, अवतार, राज कुमार, नरेंद्र, सचिन शामिल रहे।