अमीनगर सराय (बागपत)। मासूम को सांप ने डसा। डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने बिटिया का शव हिंडन नदी किनारे मिट्टी में दफना दिया। इसके बाद पीड़ित परिवार के घर पहुंचे युवक के कहने पर मासूम के शव को मिट्टी से निकाला । मंत्र फूंके जाने लगे। छह गांव के सैकड़ों लोग मौके पर जमा हो गए। युवक का दावा है कि वह मासूम को दोबारा जिंदा कर देगा। ग्रामीण और परिजन देर रात तक नदी किनारे बैठे हुए हैं।
कमाला गांव के मजदूर गजेंद्र की सात साल की बेटी तनु को रविवार की रात में सांप ने डसा । परिजन उसे लेकर झाड़ फूंक करने वाले के पास पहुंचे, लेकिन लाभ नहीं हुआ। इसके बाद बालैनी में डॉक्टर को दिखाई । सोमवार दोपहर को तनु को डॉक्टर ने मृत घोषित किया। गमजदा परिजनों ने ग्रामीणों के सुझाव पर तनु को हिंडन नदी के किनारे गड्ढा खोदकर दफना दिया। परिजन घर लौट आए। बुधवार दोपहर को बुलंदशहर के डिबाई के रहने वाले युवक रामू के साथ कुछ ग्रामीण गजे सिंह के घर पहुंचे। पूरे मामले की जानकारी ली। परिजन गांव के ही एक डॉक्टर और ग्रामीणों को लेकर उम्मीद की नई किरण के साथ हिंडन किनारे पहुंचे। तनु के शव को मिट्टी से निकाला । परिजनों का दावा है कि तनु की लाश के पास युवक ने मंत्र फूंका। कुछ देर बाद ही डॉक्टर ने यह दावा किया कि तनु की पल्स चल रही है। इसके बाद युवक ने घेरा बनाकर मंत्र फूंकने शुरू कर दिए। दावा किया कि वह तनु को जिंदा कर देगा। देर रात तक आसपास के कई गांवों के सैकड़ों लोग मौके पर जमा है। कथित बाबा मंत्र फूंक रहा है।
छह गांव के लोग मौके पर मौजूद
बागपत। देर रात तक मौके पर क्षेत्र के कैड़वा, कमाला, गांवड़ी, चिरचिटा, किनौनी, मऊ गांव के लोग जमा है। चिरचिटा से किनौनी जाने वाले रास्ते के निकट तनु को मिट्टी में दबाया। ओमपाल गुर्जर, रामकुमार, अनिल कुमार, राजपाल, रामकुमार भड़ान, घमंडी सिंह, रामे मौजूद रहे।
50 घंटे बाद मिट्टी से निकाली लाश
बागपत। परिजनों के मुताबिक तनु को मिट्टी में सोमवार शाम करीब छह बजे दबाया। इसके बाद बुधवार शाम करीब पांच बजे उसे निकाला। इस तरह देखें तो करीब 50 घंटे बाद उसे निकाला।
दोबारा जिंदा होना असंभव: विभाष
बागपत। सीएचसी बागपत के अधीक्षक डॉ विभाष राजपूत का कहना है कि ऐसा असंभव है। अगर मासूम की मौत हो गई , तो फिर वह जिंदा नहीं हो सकती। विज्ञान इसे नहीं मानता और ऐसा संभव भी नहीं है।
जब गच्चा खा गए थे डॉक्टर
बागपत। मुजफ्फरनगर में डॉक्टर जिंदा युवक को मृत घोषित कर चुके हैं। चरथावल क्षेत्र के किसान के नौकर को बेहोशी की हालत में जिला अस्पताल की इमरजेंसी लाया गया। डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया था। पोस्टमार्टम के लिए लाश को मोर्चरी से निकाला जाने लगा तो मृतक जिंदा होकर बैठ गया था, क्योंकि पल्स की स्पीड कम चलने की वजह से डॉक्टर गच्चा खा गए थे। युवक ने नशा किया था, इसके बाद उसकी पल्स बेहद धीमी चल रही थी। कई डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई हुई थी।