बागपत। जिला जेल बंदी रक्षकों और अन्य स्टाफ की कमी से जूझ रही है। 850 बंदियों की सुरक्षा का जिम्मा सिर्फ 34 बंदी रक्षकों पर हैं। ऐसी स्थिति में जेल की स्थिति को कंट्रोल करना आसान नहीं है। जेल में डॉन मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद फिर से सुरक्षाकर्मियों के टोटे को भी बड़ी वजह माना जा रहा है।
जिला कारागार में बंदी रक्षकों की भारी कमी है। जेल में वर्तमान समय में 850 के लगभग बंदी है। इनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी मात्र 34 बंदी रक्षकों को सौंपी है। जेल में बंद अपराधियों को कंट्रोल करना आसान नहीं है। जेल में आए दिन बंदियों के बीच झगड़े होते हैं। कई बार बंदी रक्षकों और बंदियों के बीच भी मारपीट हो चुकी है। ऐसी स्थिति में बंदी रक्षकों को अपनी जान बचाना भी मुश्किल हो जाता है। जेल प्रशासन ने कई बार अधिकारियों को समस्या से अवगत भी कराया, लेकिन बंदी रक्षकों की संख्या नहीं बढ़ाई गई। बंदी रक्षकों ने भी कई बार डीएम को जेल के हालातों से अवगत कराया, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। देखने वाली बात यह होगी कि क्या जेल में माफिया डॉन मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद अफसरों की नींद टूटेगी।