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पत्नी ने ही कराई थी विजयपाल की हत्या

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बागपत।
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पूरणपुर नवादा गांव के विजयपाल कश्यप की हत्या का खुलासा कर दिया गया। पुलिस का दावा है कि विजयपाल की पत्नी ने ही हत्या कराई। उसकी एक स्कूल के क्लर्क से नजदीकियां थी। मरने के बाद मिलने वाले बीमा के दस लाख रुपये हड़पने के लिए हत्या की साजिश रची गई। वारदात में शामिल रहे आरोपी महिला समेत चार लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
एसपी जय प्रकाश ने पत्रकारों को बताया कि विजयपाल की पहली पत्नी का निधन काफी समय पूर्व हो गया था। इसके बाद उसने विधवा दीपा उर्फ कमला से शादी की। दीपा की मूल रूप से मेरठ के किनौनी और वर्तमान में गढ़ी कलंजरी में रह रहे रमेश से नजदीकियां बन गई। रमेश एक स्कूल में क्लर्क के पद पर तैनात है। रमेश का विजयपाल के घर पर आना-जाना था। दीपा ने उससे करीब सवा लाख रुपये लेकर खर्च कर लिए थे। रुपये मांगने पर दीपा उर्फ कमला ने रमेश के साथ मिलकर अपने पति विजयपाल की हत्या करने का षड्यंत्र रचा। दीपा ने अपने पति को अपनी महिला रिश्तेदार को लेने के लिए 20 नवंबर की शाम बाइक से खेकड़ा पाठशाला पर भेज दिया था। उधर, रमेश अपने साथी लाला उर्फ गजेंद्र पुत्र शिवदत्त निवासी खेड़की के साथ किराए पर वैगनआर कार लेकर मनोज निवासी खेड़की के साथ पहुंचा। रास्ते में कार ने विजयपाल की बाइक में टक्कर मारी। मौत नहीं होने पर उसे कार में डाल लिया और रास्ते में गाड़ी में ही उसका गला घोंटकर हत्या कर दी। बाद में शव को मवीकलां गांव के पास हाईवे पर डाल गए थे। एसपी का कहना है कि आरोपी महिला दीपा उर्फ कमला, रमेश, लाला उर्फ गजेंद्र और मनोज को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी के पास से हत्या में प्रयुक्त वैगनआर कार, मृतक का मोबाइल बरामद हुआ है।
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रमेश को दे दिया था आठ लाख का खाली चेक
बागपत। कमला उर्फ दीपा बीमे की नोमिनी है। उसको पता था कि विजयपाल की मौत के बाद उसको ही बीमे की सारी रकम मिलेगी। इसके लिए उसने पहले ही रमेश को खाली चेक पर आठ लाख रुपये लिखकर हस्ताक्षर करके दे दिया था।
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परेशान करता था पति, हत्या करा दी
बागपत। आरोपी दीपा उर्फ कमला ने जेल जाने से पहले कहा कि उसका पति उसको परेशान करता था। इसीलिए उसकी हत्या करा दी।

हत्या को हादसा दिखाने का था मकसद
बागपत। पुलिस का कहना है कि आरोपियों का इरादा हत्या करके सड़क हादसा दर्शाना था। ताकि पुलिस उन तक न पहुंच पाए। इसलिए उसकी बाइक में टक्कर मारी थी। उसके बाद भी उसकी मौत नहीं हुई तो गला दबा दिया था। फिर शव को रोड पर फेंक दिया था। इस दौरान उसकी आंख में चोट लग गई थी। उसे गोली नहीं मारी थी।
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