बागपत। फैजुल्लापुर गांव के जंगल में काम कर रहे दंपति पर चार लोगों ने रुपये के लेन-देन को लेकर हमला बोल दिया। पति ने वहां से भागकर जान बचाई। हमलावरों ने महिला को मारपीट कर घायल किया। इस संबंध में कोतवाली में चार के खिलाफ तहरीर दी।
फैजपुर निनाना गांव निवासी भूषण पुत्र हरपाल ने बताया कि शाहपुर बड़ौली निवासी दो लोगों ने छह युवकों की शिक्षा विभाग में क्लर्क पद पर नौकरी लगवाने का झांसा देकर 30 लाख रुपये लिए थे। उन्होंने न तो नौकरी लगवाई और न ही रुपये वापस लौटाए। उसके बेटे पारुल आर्य को छह माह तक इलाहाबाद में फर्जी नियुक्ति दिलाकर काम कराया। जब बेटे को कोई वेतन नहीं मिला तो वह वापस आ गया। उन्होंने रुपये लौटने का दबाव बनाया तो उन्होंने रुपये देने से इंकार कर दिया। नौकरी न लगने के कारण बेटा पारुल आर्य 16 मई को अचानक घर से लापता हो गया। उसकी तलाश की, लेकिन कहीं पता नहीं चला।
सोमवार को भूषण और उसकी पत्नी उर्मिला रुपये का तगादा करने के लिए बड़ौली गए थे। उन्होंने फैजुल्लापुर गांव में जमीन ठेके पर ली हुई है। मंगलवार को पति-पत्नी खेत में काम कर रहे थे। इसी दौरान आरोपी समेत चार युवक वहां आए और दंपति पर हमला बोल दिया। भूषण ने किसी तरह वहां से भागकर जान बचाई, लेकिन हमलावरों ने उर्मिला को पकड़ लिया और उसकी लात घूंसों से पिटाई की। उसके पेट में कई लात मारी। हमलावर जान से मारने की धमकी देकर भाग निकले। घायल दंपति ने कोतवाली पहुंचकर चार लोगों के खिलाफ तहरीर दी। पुलिस ने घायल महिला को अस्पताल में भर्ती कराया। कोतवाली प्रभारी दिनेश कुमार ने बताया कि रुपये के लेन-देन को लेकर विवाद हुआ है। मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई होगी।