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बड़ौत पुलिस पर हत्या को हादसा बताने का आरोप

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बागपत। बेटे की मौत के बाद इंसाफ के लिए मां दर-दर की ठोकरें खा रही है। मां का आरोप है कि बेटे की हत्या उसके ही दोस्तों ने की है, लेकिन पुलिस मामला सड़क हादसे का बताकर टरका रही है। महिला ने एसपी को प्रार्थना पत्र देकर मामले में कार्रवाई की मांग की।
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ट्यौढ़ी गांव निवासी फैमिदा पत्नी मुस्ताक ने एसपी को बताया कि 31 दिसंबर 2017 को 11 बजे बड़ौली के चार युवक उसके बेटे मेहरबान को घर से बुलाकर ले गए थे, लेकिन वह घर नहीं लौटा। अगले दिन मेहरबान का शव बड़ौली के जंगल में पुलिया के पास नग्न अवस्था में मिला। महिला ने चार युवकों के खिलाफ बड़ौत कोतवाली में तहरीर दी थी, लेकिन पुलिस ने मामले को सड़क हादसा बता उसे टरका दिया। वह साढ़े तीन माह से बेटे को इंसाफ दिलाने के लिए कभी बड़ौत कोतवाली तो कभी एसपी दफ्तर के चक्कर लगा रही है, लेकिन उसे आज तक इंसाफ नहीं मिला। महिला ने बताया कि बेटे के हत्यारोपी खुले घूम रहे हैं और उस पर फैसला करने का दबाव बना रहे हैं। आरोपी कई बार जान से मारने की धमकी दे चुके हैं। उन्होने एसपी से मामले में रिपोर्ट दर्ज कराकर कार्रवाई की मांग की। एसपी ने मामले की जांच कराकर कार्रवाई का आश्वासन दिया।

जेठ देवर पर हमला करने का आरोप
बागपत। अहमदपुर गठिना गांव निवासी फरीदा पत्नी स्व. दिलशाद ने एसपी को प्रार्थना पत्र देकर बताया कि उसके पति की छह साल पूर्व मौत हो चुकी है। उसके तीन बच्चे हैं। वह अपने पति के हिस्से की जमीन पर ससुराल में ही रहती है। जेठ व देवर उसके हिस्से की जमीन पर कब्जा करना चाहते हैं। आरोप है कि 8 अप्रैल को देवर ने उसके साथ मारपीट की और कपड़े फाड़ दिए। शोर मचाने पर जान से मारने की धमकी देकर भाग निकला। उसने कोतवाली में आरोपियों के खिलाफ तहरीर दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उसने एसपी से कार्रवाई की मांग की।
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