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ढोढरा गांव में दो समुदाय में संघर्ष

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बड़ौत (बागपत)।
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ढोढरा गांव में सोमवार की रात्रि में मामूली कहासुनी को लेकर दो समुदाय में जमकर संघर्ष हुआ। पथराव और धारदार हथियार चले। इससे गांव मेें अफरा-तफरी मच गई। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और पुलिस को देख हमलावर भाग निकले। इस संघर्ष दोनों पक्षों से तीन महिलाओं सहित ग्यारह लोग घायल हो गए। इस घटना के बाद गांव में तनावपूर्ण स्थिति देखकर गांव में पुलिस बल तैनात कर दी। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई।
ढोढरा गांव मेें सोमवार की रात्रि पारुल पुत्र सुरेंद्र गांव में ही एक दुकान पर सामान लेने गया । तभी वहां पर मौजूद शहजाद पुत्र फत्तिया से उसकी कहासुनी हो गई। देखते ही देखते एक पक्ष ने पारूल पक्ष पर हमला बोल दिया। इस घटना की सूचना पर दूसरा पक्ष भी सामना आ गया और जमकर पथराव शुरू हो गया। लाठी-डंडे और धारदार हथियार चलने लगे। गांव में तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई। सूचना पर पुलिस बल मौके पर पहुंचा तो देख को देख दोनों पक्ष इधर-उधर भाग खडे़ हुए। घायलों में एक पक्ष से प्रवेश पुत्र राम कुमार, प्रिंस पुत्र योगेंद्र, पारूल पुत्र सुरेंद्र, रामकुमार पुत्र प्रेमराज, तिरसला पत्नी ओमप्रकाश शामिल हैं। घायलों में रामकुमार को गंभीर चोटें आई, उसे जिला अस्पताल रेफर किया। दूसरे पक्ष से घायलों में दिलशाद पुत्र फतिया, नौशाद, फरजाना, रूकसाना शामिल हैं। इनमेें दिलशाद की हालत गंभीर है, उसे दिल्ली रेफर किया। तनावपूर्ण स्थिति को देखकर गांव में पुलिस बल तैनात किया। एक पक्ष की ओर से पारुल ने छह सात लोगों के खिलाफ तहरीर दी और दूसरे पक्ष से फतिया ने नौ लोगों के खिलाफ तहरीर दी। पुलिस ने तहरीर लेकर आरोपियों की गिरफ्तारी शुरू कर दी।
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उधर, कोतवाली प्रभारी एके सिंह ने बताया कि यह दबंगई को लेकर घटना हुई है। पहले भी यहां विवाद हो चुका है। दोनों पक्षों के खिलाफ विरोधात्मक कार्रवाई हो चुकी है, गांव में पुलिस बल तैनात की।
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सुनी पड़ी थी गलियां, लोग दहशत में
बड़ौत। सोमवार की रात्रि में हुई दो समुदाय के झगड़े के बाद गांव की गलिया सुनी थी और कोई भी कुछ बताने को तैयार नहीं है। सभी लोग भयभीत थे। सभी पर रात हुए पथराव के परमाण भी गलियों में देखने को मिले और ईंटें गलियों में बिखरी पड़ी थी ओर एक समुदाय के मोहल्ले में केवल महिलाएं मौजूद रहे, कोई पुरुष मौजूद नहीं था। गांव के लोग यह भी बताते है कि एक समुदाय के लोग झगडे़ पर उतारू रहते हैं।
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