दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर पाली गांव के पास महिंद्रा पिकअप गाड़ी का टायर बदल रहे हेल्पर को पीछे से अल्टो कार ने टक्कर मार दी। इसमें हेल्पर और कार चालक घायल हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन चिकित्सकों ने हेल्पर को मृतक घोषित कर दिया। सूचना पर मृतक के परिजन कोतवाली पहुंचे और हंगामा किया। इस मामले में कार चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई।
मृतक रमेश (32) पुत्र शिव कुमार गांव बीर बड़ालवा जनपद करनाल हरियाणा का रहने वाला था। वह गांव के ही लखवीर सिंह की महिंद्र पिकअप गाड़ी पर हेल्पर था। जबकि जगीर सिंह गाड़ी चालक है। बृहस्पतिवार की सुबह गांव से गाड़ी में फूल और टमाटर लेकर चालक व हेल्पर लोनी जा रहे थे। उनके साथ किसान महेंद्र भी गाड़ी में सवार था। जब गाड़ी दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर पाली गांव के पास पहुंची तो टायर में पंचर हो गया। चालक जगवीर दुकान तलाश करने चला गया, जबकि हेल्पर गाड़ी का टायर खोलने लगा। इसी दौरान शिकोहपुर निवासी नरेंद्र ऑल्टो कार लेकर हाईवे से गुजरा। कार की टक्कर से हेल्पर और कार चालक घायल हो गए। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। यहां पर चिकित्सकों ने हेल्पर रमेश को मृत घोषित कर दिया। कार चालक नरेंद्र का इलाज चल रहा है। सूचना पर मृतक के परिजन कोतवाली बागपत पहुंचे। परिजनों ने आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर हंगामा किया। इस संबंध में मृतक के पिता शिव कुमार ने अल्टो चालक नरेंद्र के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने अल्टो कार में कब्जे में ले लिया है।
परिजनों ने कोतवाली में किया हंगामा
बागपत। हरियाणा निवासी गाड़ी के हेल्पर रमेश की मौत के बाद पिता शिव कुमार, मौसी निर्मला, गाड़ी मालिक लखवीर सिंह सहित काफी संख्या में लोग बागपत कोतवाली पहुंचे। मृतक की मौसी ने गाड़ी मालिक पर आरोप लगाकर हंगामा किया। मौसी ने बताया कि रमेश गाड़ी पर नहीं आना चाहता था, लेकिन गाड़ी मालिक ने उसे जबरन भेजा। यदि वह रमेश को जबरन गाड़ीी पर न भेजता तो उसकी जान बच सकती थी। छह माह से गाड़ी पर हेल्पर था।
दोनों बच्चें हो गए अनाथ
बागपत। मृतक रमेश की पारिवारिक स्थिति ठीक नहीं है। वह बहुत ही गरीब परिवार से था। उसकी पत्नी कई साल पहले बच्चों को छोड़कर कहीं चली गई । अब उसके 10 वर्षीय बेटा अभिषेक और छह वर्षीय बेटी चाहत है। पिता का सिर से साया उठ जाने के बाद बच्चों की परवरिश कौन करेगा।