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उच्च न्यायालय के अंतरिम आदेशों की मनमानी व्याख्या पर जताया आक्रोश

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बड़ौत (बागपत)।
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जाट शिक्षा सभा बड़ौत के कार्यालय में सोमवार को सुमन तोमर बड़ौली की प्रबंध समिति की बैठक हुई। इसमें पूर्व निष्कासित अध्यक्ष वीरेंद्र पाल लौहड्डा द्वारा उच्च न्यायालय इलाहाबाद के अंतरिम आदेश की मनमानी व्याख्या करने और समाज में मुकदमा जीतने का दुष्प्रचार करने पर आक्रोश जताया।
इस बैठक की अध्यक्षता प्रबंध समिति की अध्यक्ष सुमन तोमर के प्रतिनिधि राजबीर सिंह बड़ौली ने की। संचालन मंत्री बिजेंद्र सिंह ने किया। इसमें जाट शिक्षा सभा के मंत्री बिजेंद्र सिंह ने कहा निष्कासित अध्यक्ष द्वारा उच्च न्यायालय के अंतरिम आदेश 14 दिसंबर की मनमानी व्याख्या की जा रही है, साथ ही समाज में मुकदमा जीतने की झूठी अफवाहें फैलाई जा रही है जबकि उच्च न्यायालय द्वारा उक्त मुकदमे में 8 जनवरी 2018 को सुनवाई होनी है और अंतिम फैसला भी बाकी है। उन्होंने कहा उच्च न्यायालय ने 14 दिसंबर में जनता वैदिक डिग्री कॉलेज को संचालित करने के लिए कुलपति चौधरी चरण सिंह विवि द्वारा यूपी यूनिवर्सिटी एक्ट की धारा 2/13 में अनुमोदित प्रबंध समिति को अग्रिम आदेशों तक कार्य करने के आदेश दिए हैं, लेकिन वीरेंद्र पाल की समिति उक्त आदेशों की आड़ में जनता वैदिक माडर्न स्कूल और जनता वैदिक आईटीआई में अनाधिकृत प्रवेश करने की चेष्टा कर रहा है। उन्होंने कहा उक्त समिति के पदाधिकारियों ने आईटीआई और माडर्न स्कूल के प्रधानाचार्य और कर्मचारियों के साथ मारपीट कर प्रयास कर मारने की धमकी दी। इस संबंध मेें तहरीर दी। बैठक के अंत में प्रशासनिक अफसरों से वीरेंद्र पाल लौहड्डा के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए माडर्न स्कूल के मैन गेट पर राजवीर सिंह बड़ौली की समिति का नया बोर्ड भी लगाया गया। बैठक मेें छतर पाल सिंह, रमेश प्रधान, जगवीर सिंह, अमित एडवोकेट, तेजपाल सिंह, सुभाष चौहान, कपिल, अमरदीप, विकास बड़ौली, रूस्तम आदि रहे।
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दूसरी तरफ वीरेंद्र पाल लौहड्डा की प्रबंध समिति के सदस्य एसडीएम अरविंद कुमार द्विवेदी से मिले और कहा कि कुछ लोग जाट शिक्षा सभा पर अपना हक बताते हुए कब्जा जमाए हैं। जोकि गलत है। इस पर कार्रवाई होनी चाहिए। एसडीएम ने उन्हें आश्वासन देकर लौटा दिया। दूसरी तरफ समिति के मंत्री योगेंद्र सोलंकी ने कहा दोनों संस्थाओं पर वीरेंद्रपाल लौहड्डा समिति का अधिकार है। इसके आदेश भी हमारे पास हैं।
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