छपरौली (बागपत)। बदरखा गांव में छुट्टी पर घर आए बीएसएफ जवान की संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लगने से मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। परिजन सीढ़ी से पैर फिसलने पर लाइसेंसी राइफल से गोली चलने के कारण मौत होना बता रहे हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
बदरखा गांव निवासी मोहन लाल (35) पुत्र भोपाल सिंह बीएसएफ का जवान था। छह दिन पहले वह त्रिपुरा से 15 दिन की छुट्टी लेकर घर आया था। परिजनों ने पुलिस को बताया कि सोमवार की रात में वह पत्नी अन्नु, आठ वर्षीय बेटा वीर व छह वर्षीय बेटी वीरा के साथ मकान की छत पर सो रहा था। रात्रि में 11 बजे के लगभग मकान के निचले हिस्से से गोली चलने की आवाज सुनाई दी। मोहन लाल अपनी लाइसेंसी राइफल लेकर सीढ़ी से नीचे उतर रहा था। इसी समय पैर फिसलने से गिर गया और राइफल से गोली चल गई। गोली निचले जबड़े को तोड़ती हुई सिर से पार निकल गई। उसकी मौके पर मौत हो गई। गोली की आवाज सुनकर ग्रामीणों की भीड़ लग गई। परिवार में कोहराम मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। लाइसेंसी राइफल को कब्जे में ले लिया। एएसपी रण विजय सिंह ने मौके पर पहुंचकर घटना की जानकारी ली। एएसपी ने बताया कि मामला संदिग्ध लग रहा है। बीएसएफ के जवान ने आत्महत्या की है या फिर उसके साथ कोई दुर्घटना हुई है, दोनों ही बिंदुओं पर जांच की जा रही है। जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी।
बड़ा भाई होमगार्ड कंपनी कमांडर है
छपरौली। मृतक बीएसएफ के जवान मोहनलाल के बड़े भाई सोहनलाल उर्फ सोनू शामली जनपद के कैराना में होमगार्ड कंपनी कमांडर पद पर तैनात है। जवान की मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। पत्नी अन्नु का रो-रोकर बुरा हाल था।
त्रिपुरा में तैनात था मृतक जवान
छपरौली। बदरखा गांव का मोहन लाल वर्ष 2006 में बीएसएफ में भर्ती हुआ। अब वह त्रिपुरा में स्थित बीएसएफ के कैंप में ट्रेनर पद पर तैनात था। परिजनों ने बीएसएफ के अधिकारियों को घटना की जानकारी दे दी है।