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यमुना नदी में समाया लोनी का युवक, तलाश जारी

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बागपत।
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मवी कलां गांव के पास ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे पुल के नीचे नदी में नहाने आए छह दोस्त डूब गए। लोगों ने पांच युवकों को बचा लिया। जबकि एक युवक गहरे कूंड़ में समा गया। सूचना पर कोतवाली पुलिस गोताखोरों को साथ लेकर पहुंची। नदी में डूबे युवक की तलाश की जा रही है, लेकिन कोई सफलता हाथ नहीं लगी।
गाजियाबाद जनपद के लोनी निवासी गुलाब (24) पुत्र ब्रजपाल सोमवार को अपने दोस्त संदीप, मनोज, अरुण, अमन, जितेंद्र के साथ यमुना नदी में नहाने के लिए आए थे। मवी कलां गांव के सामने ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे के पुल के नीचे यमुना नदी मेें नहाने लगे। नहाते समय सभी युवक गहरे पानी में डूब गए। चीख पुकार सुनकर लोगों की भीड़ लग गई। लोगों ने पांच युवकों को बचा लिया। जबकि गुलाब गहरे कूंड़ मे समा गया। उसका कहीं पता नहीं चला। सूचना पर कोतवाली प्रभारी शिव प्रकाश सिंह गोताखोरों को लेकर पहुंचे। गोताखोरों ने नदी में युवक की तलाश की, लेकिन कामयाबी नहीं मिली। देर शाम तक गोताखोर नदी में कांटा डालकर युवक को तलाशने में लगे रहे। युवक के नदी में डूबने की सूचना पर परिजन भी पहुंच गए। परिजनों में कोहराम मचा हुआ है। नदी में डूबा गुलाब लोनी में फोटोग्राफी का काम करता है। कोतवाली प्रभारी शिव प्रकाश सिंह ने बताया कि नदी में युवक की तलाश कराई जा रही है। अभी तक सफलता नहीं मिली। पांच युवकों को डूबने से बचा लिया गया था।
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एक माह पहले डूब गई थी मां बेटी
बागपत। काठा गांव निवासी किसान सहेंद्र, उसकी पत्नी राजबीरी, बेटा नीटू व बेटी कोमल 29 अप्रैल को भैंसा बुग्गी में सवार होकर यमुना नदी पार खेत में जा रहे थे। मवी कलां गांव के पास यमुना नदी पार करते समय भैंसा बुग्गी समेत परिवार यमुना नदी में समा गया था। पिता-पुत्र ने तैरकर जान बचा ली थी। जबकि मां-बेटी की नदी में डूबने से मौत हो गई थी।
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प्रशासन ने नहीं लगाया चेतावनी बोर्ड
बागपत। मवी कलां गांव के पास यमुना नदी में कई बार हादसे हो चुके हैं, लेकिन जिला प्रशासन ने चेतावनी बोर्ड तक नहीं लगाया। आसपास के गांव के ग्रामीण नदी में नहाने भी आते हैं। नहाने के लिए कोई इंतजाम नहीं है। किसान जान हथेली पर रखकर नदी पार कर खेती करने जाते हैं। नदी में नाव की भी व्यवस्था नहीं है। जिला प्रशासन के अफसरों की लापरवाही से लोग बेमौत मर रहे हैं।
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