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विक्रम हत्याकांड : सही खुलासे के लिए धरना जारी

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बड़ौत (बागपत)। तहसील में विक्रम के हत्यारोपियों की गिरफ्तारी को लेकर शनिवार को भी धरना और क्रमिक अनशन जारी रहा। उन्होंने कहा पुलिस विक्रम हत्याकांड को फर्जी तरीके से खोल रही है। इसको लेकर शीघ्र ही सभा बुलाई जाएगी और आगे आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी।
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तहसील में शनिवार को भी विक्रम हत्याकांड के हत्यारोपियों की गिरफ्तारी को लेकर मृतक के परिजनों व सामाजिक लोगों ने क्रमिक अनशन व धरना जारी रखा। उनका कहना है कि कुछ समय पूर्व पुलिस ने बावली के कुछ युवकों को पकड़कर फर्जी केस खोलना चाहा, लेकिन वे इसे नहीं खोल पाए । शनिवार को पुलिस ने कुछ लोगों को गिरफ्तार कर दोघट थाने में मृतक के परिजनों को बुलाया, जहां राइफल रखी थी और वह इस मामले को फर्जी तौर पर खोल रही है। विक्रम के सभी भाइयों की आरोपियों से बातचीत भी कराई और उन्हें पीटकर इस घटना में शामिल होना स्वीकार कराया। इस खुलासे को लेकर धरने पर बैठे लोग व उनका परिवार संतुष्ट नहीं है। अब वे मुख्यमंत्री के दरबार में न्याय की गुहार लगाएंगे। उन्होंने कहा कि अगर हमें न्याय नहीं मिला तो बड़ी सभा कर लखनऊ जाकर धरना देंगे। विक्रम के परिवार का यह भी कहना है कि किन्हीं निर्दोष लोगों पर प्रशासन द्वारा जुल्म को वे बर्दाश्त नहीं करेंगे। शनिवार को क्रमिक अनशन व धरने की अध्यक्षता राम रहीम सेवा दल के सतीश तोमर ने की। धरने पर राजीव फौजी, पुनीत मलिक, अनीस, विरेंद्र सिंह, सुरेंद्र, अनुज, सत्यवीर, कमला देवी, अजीत, अन्नू, अमरीता, आशा देवी, कपिल, शामिल रहे।

धरने पर बैठे लोगों को पुलिस ने भगाया, केस दर्ज

बड़ौत। तहसील में विक्रम हत्याकांड के हत्यारोपियों की गिरफ्तारी को लेकर चल रहे धरना-स्थल पर बैठे परिजनों को पुलिस इस मामले में खुलासे के दौरान बागपत ले गई। जबकि यहां धरने पर बैठे लोगों को शनिवार को शाम के समय पुलिस ने जबरन उठाकर भगा दिया और वहां लगे बैनर, दरें व अन्य सामान कोतवाली ले आई। वहां से एक युवक को भी हिरासत में लिया है जो कोतवाली में हैं। कोतवाली प्रभारी आरके सिंह ने राम रहीम सेवा दल के सतीश तोमर, विरेंद्र चेयरमैन व अनीस जौहड़ी, अजय व 14-15 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। कोतवाली प्रभारी ने कहा उन्होंने तहसील में आचार संहिता व धारा 144 लगने के बाद धरने की कोई स्वीकृति नहीं ली और तहसील में आए दिन सरकारी कार्य में बाधा पैदा हुई।
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