बागपत। पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम मेरठ की चार सदस्य टीम ने बागपत पहुंचकर करोड़ों के घोटाले की जांच की। टीम ने आरोपी तत्कालीन लिपिक सुरेश कुमार की जिले में तैनात से लेकर अब तक का रिकॉर्ड खंगाला। वर्ष 2017 से अब तक 2.60 करोड़ रुपये का घोटाला पकड़ा जा चुका है। इसमें पांच आरोपियों के अलावा अन्य विद्युत अधिकारियों के संलिप्त होने की संभावना जताई जा रही है। टीम एमडी को जांच रिपोर्ट सौंपेंगे।
सोमवार को पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम मेरठ से महाप्रबंधक लेखा एवं सम्प्रेक्षा एचके अग्रवाल, अधिशासी अभियंता विद्युत प्रौद्योगिकी नोएडा शुभम शर्मा, अधिशासी अभियंता वाणिज्य एके सिंह, लेखाधिकारी अमित कुमार ने बागपत में अधिशासी अभियंता प्रथम राजवीर कुमार आर्य के कार्यालय पहुंची। टीम ने 1.44 करोड़ रुपये के घोटाले में पकड़े गए तत्कालीन लिपिक सुरेश कुमार का पुरानी रिकॉर्ड खंगाला। आरोपी लिपिक ने कितने रुपये जमा किए, उपभोक्ताओं से कितने रुपये लिए, रसीद बुक कितनी जारी हुई, वापस कितनी जमा कराई गई आदि की जांच की। आरोपी सुरेश कुमार द्वारा वर्ष 2017 से मार्च 2019 तक 2.90 करोड़ रुपये का घोटाला किया गया है। जांच के बाद धीरे-धीरे घोटाला सामने आने लगा है। टीम ने मीडिया कर्मियों को कोई जानकारी देने से इंकार कर दिया। टीम जांच रिपोर्ट एमडी मेरठ को सौंपेगी। एसई बागपत रामबीर सिंह ने बताया कि मेरठ की चार सदस्य टीम घोटाले की जांच कर रही है। अब तक 2.60 करोड़ रुपये का घोटाला सामने आ चुका है। गहराई से जांच की जा रही है। ओर भी बड़ा घोटाला सामने आ सकता है। जांच पूरी होने में कम से कम पांच-छह दिन का समय लगेंगे। पांचों आरोपियों की तैनाती से लेकर अब तक का रिकॉर्ड खंगाला जाएगा। उनकी संपत्ति की भी जांच होगी। दोषी को किसी भी कीमत पर बक्शा नहीं जाएगा।
यह था मामला-
बागपत। अधिशासी अभियंता राजीव कुमार आर्य ने यमुना रोड स्थित विद्युत उपकेंद्र के तत्कालीन लिपिक सुरेश कुमार, विद्युत उपकेंद्र बागपत के मुख्य खजांची राजीव कुमार गौड़, विद्युत उपकेंद्र बागपत के तत्कालीन उपखंड अधिकारी विकल्प महेश, तत्कालीन सहायक लेखाधिकारी ईशपाल, सहारनपुर जनपद के नुकुड़ में तैनात अधिशासी अभियंता राजबीर सिंह के खिलाफ 1.44 करोड़ रुपये गबन करने का आरोप लगाकर मुकदमा दर्ज कराया । पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम मेरठ के एमडी ने पांचों आरोपियों को निलंबित किया। चार सदस्य टीम गठित कर तीन दिन में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए । वहीं एसई बागपत रामबीर सिंह ने भी सात सदस्य टीम गठित कर जांच के निर्देश दिए । पुलिस ने आरोपी लिपिक सुरेश कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेजा। फरार चार आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास में पुलिस लगी हुई है।
आरोपी लिपिक 2008 से बागपत में था तैनात
बागपत। एसई रामबीर सिंह ने बताया कि आरोपी लिपिक सुरेश कुमार 13 फरवरी 2008 को बागपत में तैनात किया। रिकार्ड खंगालने के बाद पता चला कि लिपिक ने करोड़ों का घोटाला किया है। उसने वर्ष 2017 के अप्रैल माह में 9.41 लाख, मई में 4 लाख, जून में 10 हजार, अगस्त माह में 1.41 लाख, अक्तूबर में 14.84 लाख, नवंबर में 4.41 लाख, दिसंबर में 4.48 लाख रुपये जमा नहीं कराए। वर्ष 2018 के मार्च माह में 15 हजार रुपये, सितंबर में 1.57 लाख, अक्तूबर में 1.17 लाख, नवंबर में 8.23 लाख और दिसंबर 2018 से मार्च 2019 तक 1.44 करोड़ रुपये विभाग के खाते में जमा नहीं कराए। वर्ष 2008 तक का रिकॉर्ड खंगाला जाएगा। उसकी संपत्ति का भी पता लगाया जा रहा है।
आरोपी की आईडी चलती मिली, बंद कराई
बागपत। टीम को जांच में करोड़ों के घोटाले के आरोपी लिपिक सुरेश कुमार के जेल जाने के बाद भी उसकी आईडी चलती मिली। एसई राजबीर सिंह ने आईडी बंद कराई।