जौहड़ी गांव के घायल बिट्टूने बुधवार को सुबह नगर के निजी अस्पताल में दम तोड़ दिया। युवक का शव पोस्टमार्टम के शाम के समय
गांव में पहुंचा तो ग्रामीणों ने शव सड़क पर रखकर बड़ौत-बिनौली मार्ग अवरुद्ध कर दिया और मामले को हत्या की धारा में रिपोर्ट दर्ज करने और फरार मुख्य हत्यारोपी को गिरफ्तार करने की मांग की। पुलिस के मांग मानने के बाद शव को उठाया।
जौहड़ी गांव में बिट्टू (23) पुत्र स्वर्गीय राम कुमार मजदूरी करता था। सात जुलाई को देर शाम गांव के ही पांच लोगों ने हथियारों से हमलाकर बिट्टू को घायल किया और उसे मरा समझ भाग निकले थे। इस संबंध में घायल के चाचा रोहताश ने आशु, पृथी, राजेंद्र धर्मेंद्र और प्रवीण के खिलाफ तहरीर दी और घायल को सीएचसी से बड़ौत के निजी अस्पताल में भर्ती कराया। बाद में पुलिस ने आशु, पृथी, राजेंद्र, धर्मेंद्र को धारा 308 में न्यायालय में पेश कर जेल भेजा। जबकि मुख्य आरोपी प्रवीण फरार चल रहा है। बुधवार की सुबह बिट़टू ने बड़ौत के निजी अस्पताल में दम तोड़ दिया। इस सूचना पर परिवार में कोहराम मच गया। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
शाम के समय पोस्टमार्टम के बाद युवक का शव गांव जौहड़ी पहुंचा तो ग्रामीणों ने शव सड़क पर रखकर बड़ौत-बिनौली मार्ग अवरुद्ध कर दिया। उन्होंने मामले में दर्ज रिपोर्ट को धारा 308 के स्थान पर 302 में तरमीन करने, फरार चल रहे मुख्य आरोपी प्रवीण को गिरफ्तार करने और परिवार को सुरक्षा देने की मांग की। जाम के चलते मार्ग पर दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गई। सूचना पर बिनौली थानाध्यक्ष चंद्रकांत पांडेय और बड़ौत कोतवाल रणवीर सिंह यादव मौके पर पहुंचे। इस दौरान ग्रामीणों और पुलिस में नोकझोंक हुई।
करीब आधा घंटे बाद थानाध्यक्ष बिनौली ने ग्रामीणों को इस मामले को धारा 302 में तरमीम करने, फरार मुख्य आरोपी को शीघ्र गिरफ्तार करने और पीड़ित परिवार को सुरक्षा देने का भरोसा दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने शव को सड़क से उठाया। बाद में परिजनों ने गमगीन माहौल में परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार किया।