असारा में दिन दहाड़े किशोर की गोली मारकर हत्या
रमाला/बड़ौत (बागपत)।
असारा गांव में दिन दहाड़े चुनावी रंजिश के चलते गोली मारकर किशोर की हत्या करने से सनसनी फैल गई। इस वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने चबूतरे पर पड़े खून को पानी से धोकर शव को गली में फेंक दिया और भाग निकले। एएसपी के आरोपियों के परिजनों को हिरासत में लेने की जानकारी देने के बाद लोगों ने शाम सात बजे शव को उठने दिया। इस संबंध में किशोर के पिता ने चार लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई।
मृतक शाहिद (17) पुत्र मुस्तकीम असारा गांव का रहने वाला था। वह दिल्ली में एक फैक्ट्री में मजदूरी करता है और ईद पर घर आया हुआ था। बुधवार की दोपहर साढ़े 12 बजे तक लगभग शाहिद के घर के सामने रहने वाले जहीरूद्दीन ने अपनी खिड़की से शाहिद को आवाज लगाई। जब शाहिद उनकी खिड़की पर पहुंचा तो अंदर से उस पर तमंचे से गोली चला दी। गोली उसकी गर्दन में जा लगी और उसकी मौके पर मौत हो गई। इसके बाद हत्यारोपियों ने उसके शव को गली में फेंक दिया और चबूतरे पर पड़े खून को भी पानी से धो दिया।
सूचना पर सीओ बड़ौत कर्मवीर सिंह, रमाला, बड़ौत समेत कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और घटनाक्रम की जानकारी ली। इस दौरान घटना स्थल पर भारी भीड़ जमा हो गई। परिजनों ने पुलिस को शव नहीं उठाने दिया। उन्होंने कहा जब तक हत्यारोपी गिरफ्तार नहीं होते वे शव को नहीं उठने देंगे। इस दौरान उनकी पुलिस से नोंकझोंक हुई। सूचना पर एसडीएम दर्शन सिंह निगम मौके पर पहुंचे। सीओ और एसडीएम ने परिजनों को शीघ्र हत्यारोपियों की गिरफ्तारी का भरोसा दिया, लेेकिन परिजनों ने शव को उठाने नहीं दिया। शाम सात बजे एएसपी अजय कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने नाराज लोगों को बताया हत्यारोपियों के परिजनों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। इनको को हत्या का गवाह बनाया है। आरोपियों को भी शीघ्र पकड़ लिया जाएगा। इसके बाद परिजनों और ग्रामीणों ने शाहिद के शव को उठने दिया। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए बागपत भेजा। इस संबंध में मृतक के पिता मुस्तकीम ने चार लोगों को नामजद कराकर रिपोर्ट दर्ज कराई।
शाहिद की हत्या कर शव को हत्यारोपी सड़क पर फेंककर चबूतरे पर पड़े खून को साफ कर रहे थे, तो किसी की भी हिम्मत वहां जाने तक की नहीं हुई, क्योंकि हत्यारोपियों से गांव के लोग भी दहशत खाते हैं। पुलिस के आने के बाद भी लोग घटना स्थल पर पहुंचे। शाहिद की मौत के बाद उसकी मां और परिवार की अन्य महिलाओं का रोते बुरा हाल था। शाहिद की अभी शादी नहीं हुई थी। वे दो भाई हैं। रंजिश के चलते शाहिद के चाचा वकील पुत्र रकमूद्दीन की ढाई साल पहले हत्या कर शव को पेड़ पर लटकाया था और यह मामला आत्महत्या में पुलिस से मिल कर दर्शा दिया था। इस सिलसिले में शाहिद की हत्या की गई है। फिलहाल गांव में पुलिस बल तैनात है।