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डाटा में छेड़छाड़ के लिए बुलाए थे कंप्यूटर एक्सपर्ट

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बागपत। गरीबों का गेहूं और चावल हड़पने के मामले के तार बुलंदशहर और दिल्ली से जुड़े हैं। पात्रों को राशन नहीं मिला तो मामला लखनऊ तक पहुंचा। जांच में राशन डीलर ही नहीं बल्कि उनके परिवार के सदस्यों के नाम भी सामने आए हैं। जिला पूर्ति अधिकारी का कहना है कि जांच चल रही है।
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जिला पूर्ति अधिकारी चमन शर्मा ने बताया कि बुलंदशहर निवासी सचिन और दिल्ली निवासी विशाल कंप्यूटर के एक्सपर्ट हैं। दोनों राशन डीलर कृष्णपाल के बेटे मोनू के दोस्त हैं। इन सबने मिलकर ही राशन की काला बाजारी का प्लान तैयार किया। कंप्यूटर एक्सपर्ट सचिन और विशाल ई-पोश मशीन को कंप्यूटर से जोड़कर डाटा में हेराफेरी करते रहे। पात्रों के आधार कार्ड की डिजिट बदलकर खुद राशन लेकर उसे बाजार में बेचा जाता रहा। असल में पात्रों की राशन मिलना बंद हुआ तो इसकी शिकायतें पहले प्रशासन से की गई। इसके बाद शासन तक मामला पहुंचा। खाद्य आयुक्त आलोक कुमार ने जांच कराई तो पूरे मामले की हकीकत खुलकर सामने आ गई। राशन डीलरों के परिवार के सदस्य भी पूरे प्रकरण में सक्रिय रहे।

साइबर क्राइम का मामला, एसटीएफ करेगी जांच
बागपत। जिला पूर्ति निरीक्षक अमित कुमार ने बताया कि साइबर क्राइम के इस मामले की जांच के आदेश एसटीएफ को दिए गए हैं। बागपत में साइबर क्राइम सेल तक नहीं है। लखनऊ में एसटीएफ को मामले की जांच के आदेश दिए गए है। नोएडा और लखनऊ में साइबर क्राइम के लिए दो थाने बनाए गए हैं।
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जिले में बढ़ा साइबर क्राइम
बागपत। जिले में साइबर क्राइम बढ़ रहा है। जनवरी 2018 से अगस्त 2018 तक जनपद के विभिन्न थानों में आईटी एक्ट के तहत 15 मुकदमे दर्ज कराए गए। एएसपी राजेश श्रीवास्तव ने बताया कि आईटी एक्ट के 12 मुकदमों का निस्तारण किया जा चुका है। तीन मुकदमों की जांच चल रही है। आठ आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।

शहरी क्षेत्र में 72 और देहात में 341 दुकानें
बागपत। जिले के शहरी क्षेत्र में 72 और ग्रामीण क्षेत्र में 341 दुकानें हैं। अभी सिर्फ शहरी क्षेत्र में ही ई-पोश मशीन से राशन का वितरण किया जा रहा है। देहात में भी यह व्यवस्था लागू की जानी है, लेकिन शुरूआत में ही घपला सामने आ जाने से सिस्टम पर सवाल खड़ा हो गया है।

खेकड़ा में धरातल पर नहीं उतरी डीबीटी
बागपत। खेकड़ा तहसील क्षेत्र को डायरेक्ट बेनिफिट योजना के लिए चुना गया था। पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर चुनी गई तहसील क्षेत्र में बैंकों में आधार कार्ड मशीन लगाकर डाटा फीड किया जा रहा है, लेकिन अभी तक कार्य पूरा नहीं हो सका है, जिस कारण अभी तक यह योजना धरातल पर नहीं उतर सकी है। सीएम योगी आदित्यनाथ पहले ही घोषणा कर चुके हैं कि राशन का मूल्य सीधे खातों में भेजा जाएगा।

घर-घर जाकर पात्रों से ली जा रही है जानकारी
बागपत। राशन वितरण में घपला सामने आने के बाद अब घर-घर जाकर पात्रों से पूछा जा रहा है कि उन्हें कब राशन मिला और कब नहीं। जिला आपूर्ति अधिकारी ने बताया कि अभी जांच चल रही है।
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