बागपत। ट्यौढ़ी गांव के दुकानदार अंकित की हत्या में शामिल रहे चारों आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया। शराब पीकर एक अंडे को लेकर हुए विवाद के बाद अंकित की हत्या की । पुलिस ने हत्यारोपियों की निशानदेही पर मृतक के खून से सनी चादर, रजाई, कंबल और दो तकिया बरामद किए हैं। पुलिस ने हत्यारोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेजा।
एसपी जयप्रकाश ने पत्रकारों को बताया कि ट्यौढ़ी गांव में 10 अप्रैल की रात में दुकानदार अंकित पुत्र राज कुमार की छोटू उर्फ विकास पुत्र सतपाल, मोनू पुत्र रोहताश, मन्नु पुत्र नन्हे, सचिन पुत्र जगदीश निवासी ट्यौढ़ी ने हत्या कर लाश को गांव में माता वाले तालाब पर फेंका। इस मामले में मृतक के भाई पिंटू शर्मा ने चारों आरोपियों के खिलाफ बड़ौत कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई । पुलिस ने चारों हत्या आरोपियों को गिरफ्तार किया। हत्यारोपियों ने पूछताछ में बताया कि मृतक अंकित उनका दोस्त था। मंगलवार की शाम पांचों दोस्तों ने मन्नु के घर पर शराब पी। अंकित और मन्नु घर पर ही रह गए। सचिन, मोनू और छोटू खाना खाने के लिए सचिन के घर गए। वहां अंडा और रोटी खाई। मन्नु घर पर अकेला रहता था, इस कारण मन्नु के लिए एक अंडा और चार रोटी लेकर वापस मन्नु के घर आ गए। पांचों दोस्त फिर शराब पीने लगे। इसी बीच मृतक अंकित ने मन्नु का अंडा खा लिया। इसी को लेकर मृतक के साथ उनका झगड़ा हो गया। मन्नु ने मृतक के सिर में फूंकनी मार दी। वह लहूलुहान होकर बेड पर गिर गया। फिर छोटू उर्फ विकास ने बलकटी से उसके चेहरे और गर्दन पर ताबड़तोड़ वार कर उसे मौत के घाट उतार दिया। लाश को घसीट कर तालाब के किनारे फेंका था। हत्या में प्रयुक्त बलकटी को भी तालाब में फेंका। पुलिस ने हत्यारोपियों की निशानदेही पर मृतक के खून से सनी चादर, रजाई, कंबल व दो तकिया बरामद किए। हत्या में प्रयुक्त बलकटी पुलिस बरामद नहीं कर पाई है। पुलिस ने चारों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेजा।
मंगलवार की रात 12 बजे कर दी थी हत्या
बागपत। पुलिस ने बताया कि दुकानदार अंकित की हत्या मंगलवार की रात 12 बजे की। बुधवार को सुबह चार बजे के करीब आरोपी मन्नु व छोटू उर्फ विकास मृतक के शव को घर से घसीट कर तालाब पर ले गए। मोनू और सचिन ने मृतक के खून से सने कपड़े, बलकटी और फूंकनी उठाकर ले गए और तालाब में फेंके।
शव के पास बैठकर पीते रहे शराब
बागपत। पकड़े गए हत्यारोपियों ने बताया कि दुकानदार अंकित की हत्या करने के बाद चारों आरोपियों ने शव के पास बैठकर ओर शराब पी। पूरे कमरे में खून बिखरा पड़ा था। मृतक के शव से खून बह रहा था। चार घंटे तक शव को ठिकाने लगाने की योजना बनाई गई।
आरोपी एक-दूसरे पर लगाते रहे आरोप
बागपत। अंकित हत्याकांड के खुलासे के दौरान आरोपी मन्नु और छोटू उर्फ विकास एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाते रहे। छोटू ने बताया कि मन्नु ने अंकित के सिर में फूंकनी मारकर उसे मौत के घाट उतार दिया। मन्नु ने बताया कि छोटू ने ही बलकटी से उसकी हत्या की। मोनू और सचिन बोले कि हम तो हत्याकांड में शामिल ही नहीं थे। मन्नु और छोटू ने ही उसकी हत्या की है।