जिला कारागार में बंदियों की पिटाई का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। घायल बंदी रवि के परिजनों ने डीएम को प्रार्थना पत्र देकर मामले में कार्रवाई की मांग की और जेल में बंद रवि की हत्या की आशंका भी जताई है।
बिजरौल निवासी मुनेश पत्नी शिव कुमार ने जिलाधिकारी को दिए प्रार्थना पत्र मेें बताया है कि जिला कारागार में उसके बेटे रवि व अन्य बंदी लविश उर्फ जोनी, मनीष एवं विकास बंद हैं। जेल में तीन बंदी रक्षक बंदियों की मिलाई पर आने-जाने वाले लोगों से जेल अधिकारियों के मना करने के बाद भी अवैध वसूली करते हैं और मना करने पर उन्हें प्रताड़ित व मारपीट करते हैं। बंदी रक्षक इतने बेखौफ हैं कि उन्हें किसी भी अधिकारी का कोई डर नहीं है और यह भी धमकी देते है कि यदि बंदी व उसके घर वाले दो-दो हजार रुपये नहीं देंगे तो वे बंदियों को जान से मार देंगे। 17 मार्च को भी बंदी रक्षकों ने रवि, मनीष की बेरहमी से पिटाई की थी, जिनमें उन्हें काफी चोटें आई थी। घायलों का इलाज तक नहीं होने दिया। उन्होंने बताया कि उसके बेटे रवि को बंदी रक्षकों से जान का खतरा बना हुआ है। बंदी रवि इतना भयभीत है कि वह इनके खौफ से कोई गंभीर कदम उठा सकता है। उन्होंने बंदी रक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।