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हत्यारोपियों की मांग गिरफ्तारी के लिए पैदल मार्च निकाला

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बड़ौत (बागपत)। विक्रम हत्याकांड को लेकर उनके परिवार के साथ सामाजिक व राजनीतिक लोग जुड़ने शुरू हो गए हैं। इसी को लेकर बावली रोड स्थित मीरापुर पट्टी से नगर में पैदल मार्च निकाला गया जो तहसील पहुंचा और वहां अनिश्चितकालीन धरने में बदल गया। लोगों का कहना था कि जब तक हत्यारोपियों की गिरफ्तारी नहीं की जाती वे यहां से नहीं उठेंगे।
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30 अप्रैल की देर शाम बावली रोड स्थित हेवल्स शोरूम के कर्मचारी विक्रम की हत्या कर दी गई थी। शोरूम मालिक ने इसे लूट का विरोध करने पर विक्रम की हत्या का मामला बताते हुए अज्ञात बदमाशों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जबकि मृतक विक्रम के बड़े भाई सत्यवीर ने शोरूम मालिक व उसके दो बेटों व एक अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराया था। आठ दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस इस हत्याकांड की कड़ी तक नहीं पहुंच पाई। पुलिस हत्या के मामले को लूट का मामला मानते हुए जांच में जुटी है लेकिन कोई ठोस प्रमाण उसके हाथ नहीं लगे हैं। इसे लेकर बावली रोड स्थित मीरापुर पट्टी में विक्रम के आवास पर काफी संख्या में लोग एकत्र हुए और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए नगर के मुख्य मार्गों से पैदल मार्च निकालते हुए तहसील पहुंचे और अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए। लोगों का कहना था कि पुलिस हत्यारोपियों से मिली हुई है और उन्हें गिरफ्तार नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होगी, वे धरने से नहीं उठेंगे। धरने पर राम रहीम सेवा दल के मंडल अध्यक्ष सतीश तोमर, विरेंद्र सिंह, सत्यवीर सिंह, अर्जुन सिंह, अंकित धामा, आशा, अन्नू, अमृता, श्रीपाल, रोहन, कुलदीप, उदयवीर, रूपेश राणा, पुनीत मलिक, सुभाष, सौरभ, सुनील मान, अशोक, हिमांशु आदि मौजूद रहे।

निर्दोष युवकों को फंसाने का लगाया आरोप
बड़ौत। बावली गांव में विक्रम हत्याकांड के खुलासे के लिए पुलिस कई दिन से चार-पांच युवकों को उठाकर पूछताछ कर रही है। इसे लेकर बावली गांव की देशू पट्टी के शिव मंदिर में मनोज तोमर की अध्यक्षता, योगेश तोमर के संचालन में हुई पंचायत में निर्दोष युवकों को उठाकर यातनाएं दिए जाने पर आक्रोश जताया। उन्होंने फोन पर एसपी से बात की कि पकड़े गए युवकों को या तो जेल भेजें या उन्हें छोड़ा जाए। पूछताछ के नाम पर उन्हें यातनाएं न दी जाए। इस अवसर पर हरेंद्र, नरेंद्र, यशपाल, ब्रह सिंह, धर्मपाल, हरबीर, रीपू दमन, अनंगपाल, कंवरपाल, अंकित, अरविंद, शेखर, सुरेंद्र, दीपक, सहंसरपाल आदि शामिल रहे।
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