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पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ा, कहां छिप गया जुबैर

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बड़ौत (बागपत)। यूपी पुलिस में भर्ती कराने का ठेका लेने के प्रकरण में शामली पुलिस ने बड़ौत में कई जगह दबिश दी। शामली में पकड़े गए आरोपी ने मुख्य आरोपी का नाम जुबैर बताया है, लेकिन जुबैर पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ सका है। जुबैर के पेपर लीक कराने के बड़े गिरोह से जुड़ा बताया गया है।
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शामली में भर्ती का ठेका लेने वाले युवक ने पुलिस को बताया कि बड़ौत का जुबैर नाम का ठेकेदार है, जो पूरे सिस्टम का संचालन करता है। पकड़े गए युवक से पूछताछ के आधार पर शामली पुलिस की टीम ने सोमवार की रात में बड़ौत के विभिन्न मोहल्लों में दबिश दी। पठानपुरा में छानबीन की, लेकिन जुबैर नहीं पकड़ा जा सका हैे कोचिंग सेंटर संचालकों से बातचीत की लेकिन जुबैर का ठिकाना नहीं मिला। शामली पुलिस वापस लौट गई। उधर, बागपत जिले की पुलिस ने भी इनपुट मिलते ही छानबीन शुरू कर दी है, लेकिन देर शाम तक जुबैर की लोकेशन नहीं मिल सकी है। जुबैर के पेपर लीक के बड़े गैंग से जुड़े होने की प्राथमिक जानकारी सामने आई है। एसपी जयप्रकाश का कहना है कि अपने स्तर से वह छानबीन करा रहे हैं।


पेपर लीक में बदनाम रहा बड़ौत
बड़ौत। पेपर लीक मामले में बड़ौत का नाम पहली बार सामने नहीं आया है। इससे पहले भी कई बार यूपी पुलिस और अन्य भर्ती प्रक्रियाओं में बड़ौत का नाम सामने आ चुका है। कई गिरोह युवाओं से भर्ती के नाम पर ठगी करते हैं। इनमें कई के राजनीतिक ताल्लुक भी हैं।
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यूपी बोर्ड परीक्षा के दो बार पेपर लीक
बड़ौत। प्रतियोगी परीक्षाओं के ही नहीं बल्कि यूपी बोर्ड परीक्षा के भी जिले में दो बार पेपर लीक हो चुके हैं। लगातार दो साल से जिले में पेपर लीक हुए। तमाम छानबीन के बावजूद शिकंजा नहीं कसा जा सका है।


कई राज्यों तक फैला हुआ है जाल
बड़ौत। पेपर लीक मामले में जिले में कई गिरोह सक्रिय हैं। राजस्थान, उत्तराखंड और दिल्ली में पकड़े गए आरोपियों ने जिले के लोगों के नाम कई बार बताए।


पटवारी की परीक्षा में पकड़े गए थे मुन्ना भाई
बड़ौत। पिछले वर्ष लेखपाल की परीक्षा में जिले में दो मुन्ना भाई पकड़े गए थे। पुलिस ने इन आरोपियों को पकड़कर जेल भेजा था। खेकड़ा और बड़ौत में आरोपी पकड़े गए थे।
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