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हाईटेंशन लाइन के करंट से संविदाकर्मी लाइनमैन झुलसा, मौत

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बिनौली (बागपत)।
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जिवाना गुलियान गांव के जंगल में हाइटेंशन विद्युत लाइन के करंट से झुलस जाने पर माल माजरा गांव निवासी एक संविदा कर्मी लाइनमैन की मौत हो गई। ग्रामीणों ने विद्युत कर्मचारियों व अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाकर बिनौली थाने पर तहरीर दी और पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दिलाने की मांग की।
माल माजरा गांव निवासी गोविंद उम्र 23 वर्ष पुत्र उमेश सोलंकी जिवाना गुलियान गांव के विद्युत उपकेंद्र पर संविदा पर लाइनमैन नियुक्त था। बुधवार शाम जंगल में हाइटेंशन लाइन में फाल्ट को ठीक करने के लिए वह शट डाउन लेकर वहां पहुंच गया और पोल पर ऊपर चढ़कर फाल्ट ठीक करने लगा। अचानक विद्युत सप्लाई आ गई और करंट लगने से वह झुलस कर नीचे गिर गया। सूचना पर पहुंचे परिजनों व ग्रामीणों ने गंभीर हालत में उसे मेरठ के अस्पताल में भर्ती कराया, जहां चिकित्सकों ने उसे दिल्ली रेफर कर दिया। देर रात्रि उपचार के दौरान दिल्ली के अस्पताल में उसकी मौत हो गई। सूचना पर गांव में शोक की लहर दौड़ गई और परिजनों में कोहराम मच गया। मृतक की मां विनोद, भाई मोनू, बहन पूजा आदि परिवार वालों का रोते-रोते बुरा हाल था।
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बृहस्पतिवार को सुबह काफी ग्रामीण बिनौली थाने में पहुंचे और विद्युत कर्मचारियों और अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाकर तहरीर दी। उन्होंने विद्युत निगम से पीड़ित परिवार के लिए आर्थिक सहायता दिलाने की मांग की। मांग करने वालों में तेजपाल सिंह, सतेंद्र, विक्रम सिंह, मा. सतपाल सिंह, प्रदीप, प्रेमपाल, पुष्पेंद्र, ब्रजवीर, देवेंद्र, सचिन, कुलदीप, मोनू, सौरभ आदि रहे। सूचना पर बिनौली थाने पहुंचे विद्युत निगम के अधिकारियों ने पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दिलाने का आश्वासन दिया।
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पांच लाख का चेक सौंपा, धरना खत्म
बिनौली। संविदा कर्मी गोविंद पुत्र उमेश सोलंकी की मौत के बाद विद्युत निगम के अफसरों द्वारा आर्थिक सहायता का सही ढंग से आश्वासन न मिलने के बाद आक्रोशित ग्रामीणों और संविदा कर्मचारी सेवा समिति के संदस्यों ने बिनौली बिजलीघर में हंगामा किया और शव को लेकर बिजलीघर पर धरना देकर बैठ गए। इस दौरान उनकी कर्मचारियों से नोकझोंक भी हुई। ग्रामीणों ने कहा जब तक पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद नहीं मिलेगी, तब तक शव का अंतिम संस्कार नहीं होगा। सूचना पर पहुंची पुलिस ने भी मामला शांत करने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण जिद पर अड़े रहे। बाद मेें हंगामा बढ़ता देखकर प्रभारी अधिशासी अभियंता सुधाकर कुमार एसडीओ चैन सिंह, अवर अभियंता संदीप खुशी राज कश्यप आदि मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत किया। बाद मेें प्रभारी अधिशासी अभियंता सुधाकर और एसडीओ चैन सिंह ने मृतक संविदा कर्मचारी के पिता उमेश सोलंकी को पांच लाख का चेक दिया, तब ग्रामीण शांत हुए और संविदा कर्मचारी का अंतिम संस्कार किया। इसमें पूर्व प्रमुख हरेंद्र सोलंकी, जिवाना प्रधान आदित्य प्रधान, माल माजरा प्रधान शैलेंद्र ठाकुर, विषपाल सोलंकी, आकाश, दिनेश कुमार, निविदा संविदा कर्मचारी सेवा समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह, जिलाध्यक्ष बागपत नरेश कुमार आदि रहे।
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