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आकाश की सांसे टूटती देख हरकत में आई पुलिस

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अमीनगर सराय (बागपत)। कमाला गांव से प्रेमी युगल फरार हुआ। बरामदगी के लिए गुपचुप पंचायतों का दौर भी चला। दलित पक्ष पर दबाव बनाया गया। आकाश और मनीष को अगवा कर पिटाई की गई। मेरठ से युगल बरामद हुआ और दोनों के परिजनों को सौंप दिए, लेकिन फिर भी थाना पुलिस नहीं जागी। परिजनों ने आकाश को मेरठ के अस्पताल में भर्ती कराया तो थाना पुलिस हरकत में आई, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। आकाश की मौत हो गई, इससे पुलिस व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।
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कमाला गांव से गुर्जर समुदाय की लड़की गांव के ही दलित युवक के साथ चली गई । आकाश का कुसूर इतना था कि आरोपी पक्ष को शक था कि वह प्रेमी युगल की मदद कर रहा है। पूरे प्रकरण में सवाल है कि कमाला गांव में पीड़ित पक्ष पर कई दिन तक दबाव बनाया गया। दोनों पक्षों की पंचायतें भी हुई, लेकिन पुलिस थाना को भनक तक नहीं पहुंची। सराय मोड़ जैसी जगह से कार सवार युवक बाइक सवार आकाश और मनीष को उठाकर ले गए, लेकिन थाना पुलिस तब भी नहीं जागी और न ही पुलिस को इसकी जानकारी हुई। युगल बरामद भी हो गया और दो दिन तक मामला दबा रहा, लेकिन आकाश की हालत बिगड़ने लगी तो परिजन उसे अस्पताल ले गए। इसके बाद थाना पुलिस हरकत में आ गई। गंभीर हालत देखते हुए तुरंत मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी गई। आरोपी जेल में है और प्रत्यक्षदर्शी के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। सवाल है कि आखिर पुलिस को कमाला गांव के हालात क्यों पता नहीं चले। फिर एकाएक पुलिस तेज तर्रार कैसे हो गई।
एसओ ओमवीर गुप्ता का कहना है कि उन्हें युगल के फरार होने के विषय में थाने में जानकारी नहीं दी गई । उधर, कमाल इस बात का है कि युवती को लेकर जाने वाला युवक, उसका परिवार और आकाश के करीबी लोग गांव से चले गए, लेकिन पुलिस कहती रही कि इलाज कराने गए हैं। सोमवार को खुलेआम दलित पक्ष की महिलाओं ने कहा कि गांव में उनके बेटे और बेटियां सुरक्षित नहीं है।
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