बागपत। जिला कारागार में बंद सुनील राठी की बैरक की निगरानी बढ़ गई है। रुड़की के चिकित्सक से रंगदारी मांगने के बाद से उससे जेल में मुलाकात करने वालों की संख्या घटी है। जो लोग मुलाकात के लिए पहुंचे हैं, उनकी भी गुपचुप तरीके से पड़ताल की जा रही है। जेल प्रशासन उसकी हर गतिविधियों पर नजर रख रहा है। सहारनपुर में देवपाल राणा की हत्या के बाद से गैंग पर पुलिस ने निगरानी बढ़ा दी।
कस्बा टीकरी का रहने वाले सुनील राठी बागपत जेल में बंद है। उसकी मां राजबाला चौधरी टीकरी नगर पंचायत की चेयरपर्सन है और वर्तमान में भी वह चुनाव लड़ रही हैं। सुनील करीब दो माह पहले उत्तराखंड की देहरादून जेल से बागपत कारागार में शिफ्ट हुआ । उस पर दो दर्जन से अधिक, हत्या, रंगदारी समेत विभिन्न धाराओं के मुकदमे दर्ज है। उसके नाम से रुड़की के आवास विकास कॉलोनी में रहने वाले डॉ. एनडी अरोड़ा से तीन नवंबर को 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगी । यह रकम उसकी मां राजबाला चौधरी को देने के लिए कहा । पीड़ित डॉ. की तहरीर पर रुड़की के गंगानगर थाने में सुनील राठी और उसकी मां राजबाला चौधरी के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ । रुड़की पुलिस राजबाला चौधरी को भी गिरफ्तार कर चुकी है। राठी को बागपत कारागार में कड़ी सुरक्षा में रखा जा रहा है। रुड़की कोर्ट परिसर में उसके साथी देवपाल की पुलिस अभिरक्षा में हत्या कर दी। इसको देखकर जेल प्रशासन ने राठी की ओर सुरक्षा बढ़ा दी । रंगदारी का मामला सुर्खियों में आने के बाद भी उससे मिलने के लिए आने वालों की संख्या कम ही है। जेलर सुरेश बहादुर सिंह ने कहा सुनील राठी को हाई सिक्योरिटी में रखा जा रहा है। फिलहाल उससे कोई मिलने के लिए नहीं आ रहा है। पेशी के दौरान भी सुरक्षा रहती है।
सुनील ने ही छुड़वाया था गैंगेस्टर अमित उर्फ भूरा
बागपत। देहरादून पुलिस कस्टडी से गैंगेस्टर अमित उर्फ भूरा निवासी सरनावली (मुजफ्फरनगर) को 15 दिसंबर 2014 को दो एके-47 और एक कारबाइन लूटकर छुड़ाया था। उसको सुनील राठी ने ही जेल से छुड़वाया । पुलिस की जांच में इसका खुलासा हुआ।
कचहरी में चेकिंग, पुलिस रही खाली हाथ
बागपत। सुनील राठी के साथी देवपाल राणा की रुड़की कोर्ट परिसर में गोली मारकर सोमवार को हत्या कर दी। जो सहारनपुर का रहने वाला था। हत्या के बाद से बागपत पुलिस भी अलर्ट नजर आई। मंगलवार को कचहरी में सघन चेकिंग अभियान चलाया । पुलिस का डॉग स्कवायड भी पूरे दिन कचहरी परिसर में घूमता रहा। कचहरी में आने वाले लोगों की गेट पर ही तलाशी की गई।