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मृतका की बेटी के दर्द को सीएम ने सुना

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बागपत। बड़ौत के गीता देवी हत्याकांड में पुलिस ने पति को झूठा फंसा कर जेल भेजा। इस मामले में सीबीआई जांच की मांग को लेकर मृतक महिला की बेटी वैशाली मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिली। सीएम से एडीजी प्रशांत कुमार को मामले की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई करने के आदेश दिए। वैशाली ने भीड़ में खड़े होकर आंसू बहाए तो सीएम के सुरक्षाकर्मी उसे लेकर मंच के पीछे पहुंचे।
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रामबाग कॉलोनी बड़ौत निवासी वैशाली पुत्री विपेंद्र अपनी मौसी के साथ मंगलवार को जनता वैदिक डिग्री कॉलेज बड़ौत में मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ से मिलने कार्यक्रम स्थल पर पहुंची। वैशाली ने बताया कि 17 जनवरी 2018 को उनकी मां गीता की विकास और उसके साथियों ने अपहरण कर हत्या की। बाद में विकास ने मां गीता का शव बरामद कराया। आरोप है कि विकास ने उसके पिता विपेंद्र का झूठा नाम लिखा दिया। पुलिस से सेटिंग कर अपने साथ उसके पिता को भी फंसा कर जेल भिजवा दिया। उसने बताया कि उसके पिता बीएसएफ के जवान है। घटना के समय अपनी ड्यूटी पर तैनात थे। पीड़ित ने मामले की सीबीआई जांच कराकर असली आरोपियों को पकड़ने की मांग की। उसने रोते हुए मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार लगाई। पुलिस अधिकारियों ने वैशाली को मुख्यमंत्री से मिलवाया। सीएम ने एडीजी प्रशांत कुमार को मामले की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई के आदेश दिए।

आठ माह से न्याय के लिए भटक रही है वैशाली
बागपत। मृतक गीता की बेटी वैशाली न्याय के लिए आठ माह से अधिकारियों के चक्कर काट रही है, लेकिन उसकी किसी ने नहीं सुनी। 27 मई 2018 को मवी कलां में हुए कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मिलने पहुंची थी, लेकिन अफसर ने उसे नहीं मिलने दिया, लेकिन उसने हार नहीं मानी। वह लगातार प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से मिलने के प्रयास करती रही। आखिरकार उसे सीएम से मिलने का मौका मिल ही गया। सीएम ने न केवल उसकी बात सुनी, बल्कि कार्रवाई का भी आश्वासन दिया।
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