बागपत। ढिकौली गांव के चंद्रपाल की मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। पुलिस द्वारा मामले में रिपोर्ट दर्ज न करने से नाराज परिजनों ने एसपी दफ्तर पर धरना दिया। परिजनों ने एसपी दफ्तर पर पहुंचे और सीओ का घेराव किया। सीओ ने आश्वासन दिया कि इस मामले की जांच सीओ खेकड़ा को सौंपी। एक घंटे तक धरना देने के बाद जब एसपी नहीं पहुंचे तो परिजन भूख हड़ताल की चेतावनी देकर चले गए।
धरने पर बैठे परिजनों ने कहा चांदीनगर थाना क्षेत्र के ढिकौली गांव के जंगल में 24 अप्रैल को चंद्रपाल का फांसी लगा शव पेड़ पर लटका मिला था। उसकी हत्या कर शव पेड़ से लटकाया है, क्योंकि वह पैदल चलने में असमर्थ था। घर से ढाई किलोमीटर दूर वह स्वयं नहीं जा सकता था। जेल में बंद पवन ने साजिश करके अपने साथियों से चंद्रपाल की हत्या कराई और हत्या को आत्महत्या का रूप देने का प्रयास किया । पवन मृतक का छोटा भाई है और जमीन व मकान के बंटवारे को लेकर रंजिश रखता है। 24 फरवरी को पवन ने चंद्रपाल को गोली मारकर घायल कर दिया । इस मामले में वह जेल में बंद है। कई बार मृतक के बेटों को धमकियां भी दे चुका है। चांदीनगर थाना पुलिस मामले में रिपोर्ट दर्ज नहीं कर रही है। पुलिस ने पीड़ित परिवार को पोस्टमार्टम रिपोर्ट तक नहीं दिखाई। पुलिस अपराधियों से मिलकर मामले को आत्महत्या का रूप देने में लगी हुई है। उन्होंने कहा कि आरोपी उसके बेटों की भी हत्या करा सकता है। पुलिस ने धरने पर बैठे लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने। उनकी पुलिस कर्मियों से नोंक झोंक हुई। इस दौरान सीओ दिलीप सिंह एसपी दफ्तर पहुंचे तो ग्रामीणों ने उन्हें घेर लिया और सीओ से मामले में कार्रवाई की मांग की। सीओ ने परिजनों को बताया कि इस मामले की जांच सीओ खेकड़ा को सौंपी, उनसे जाकर मिलो। एक घंटे तक धरना देने के जब एसपी जयप्रकाश उनके बीच नहीं पहुंचे तो परिजन यह चेतावनी देते हुए कि यदि मामले में शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो पीड़ित परिवार भूख हड़ताल शुरू कर देगा, वापस चले गए। धरने पर देवेंद्र, रविंद्र, मौनेंद्र, बिजेंद्री, प्रीति, रश्मि, एकता, नवाब कौर, फूलो, शांति, सहंसर पाल, सतीश, अर्पण, अंकुर, अजय, मांगे, ओमवीर आदि रहे।