बागपत। 50 हजार रुपये के इनामी अजीत उर्फ हप्पू के अदालत में सरेंडर की बृहस्पतिवार को पूरे दिन अफवाह रही। इससे पुलिस कचहरी के पास आसपास अलर्ट रही। पुलिस वालों ने सघन चेकिंग अभियान चलाया। कोर्ट बंद होने के बाद पुलिस वालों ने राहत की सांस ली।
बावली गांव का अजीत उर्फ हप्पू थाना बड़ौत का हिस्ट्रीशीटर है। उस पर डेढ़ दर्जन से अधिक हत्या, जानलेवा हमले, रंगदारी समेत विभिन्न धाराओं के मुकदमे दर्ज हैं। उसने अपने गांव के ही दो भाई राज कुमार और जयवीर की 17 अप्रैल 2015 को रंजिश के चलते हत्या की। इस केस में उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित है। उसको पकड़ने के लिए बागपत पुलिस ही नहीं मेरठ, नोएडा की एसटीएफ तक लगी है। उसकी कई बार बावली के जंगल में लोकेशन मिल चुकी है, लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले ही आरोपी फरार हो जाता है। बृहस्पतिवार सुबह ही अफवाह फैल गई कि हप्पू बागपत कोर्ट में सरेंडर करेगा। इससे पुलिस हरकत में आ गई। पुलिस ने कचहरी के आसपास डेरा डाल दिया। क्राइम ब्रांच की टीम के अलावा सिविल ड्रेस में पुलिस वाले घूमते रहे, पुलिस का इरादा हप्पू को कोर्ट पहुंचने से पहले ही गिरफ्तार करना था। इसके लिए पुलिस ने सघन चेकिंग अभियान चलाया। महिलाओं की भी तलाशी ली। शाम तक हप्पू कोर्ट नहीं पहुंचा। बाद में पुलिस वहां से लौट आई। उधर एसपी जय प्रकाश ने कहा अजीत उर्फ हप्पू के कोर्ट में सरेंडर की अफवाह थी, लेकिन आरोपी अदालत नहीं पहुंचा। उसको गिरफ्तार करने के लिए संभावित स्थानों पर दबिश दी जा रही है।