बड़ौत। पुलिस इंस्पेक्टर जयपाल मलिक के भाई रविंद्र की हत्या के मामले में पुलिस 30 घंटे बाद भी खाली हाथ है। मृतक के परिजनों ने कहा आरोपियों का रिश्तेदार बड़ा नेता है। वहीं उनका बचाव कर रहा है। वारदात से पूरा परिवार दहशत में है।
शामली के बरला जट निवासी रविंद्र अपने भतीजे सन्नी के साथ बागपत कोर्ट में तारीख करके मंगलवार दोपहर वापस बाइक पर सवार होकर घर लौट रहा था। खेड़की गांव से थोड़ा आगे डीबीएफ भट्ठे के सामने बाइक सवार तीन लोगों ने उन पर गोलियां बरसा दी थी। रविंद्र की मौके पर ही मौत हो गई थी। सन्नी ने भागकर जान बचाई थी। उसके कंधे में गोली लग गई थी। उसका फिलहाल मेरठ में इलाज चल रहा है। बड़ौत कोतवाली में बिनौली गांव के बिनेश, विनोद और मोहित के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई।
पुलिस अभी तक एक भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। मृतक के भाई शियानंद ने बताया रविंद्र के हत्यारोपी खुलेआम घूम रहे हैं। इतनी बड़ी घटना होने के बाद भी पुलिस ने उनको अभी तक गिरफ्तार नहीं किया है। उन्होंने कहा आरोपियों का रिश्तेदार एक बड़ा नेता है। जो उनका बचाव कर रहा है। इस संबंध में पुलिस अफसरों से मिला जाएगा। बड़ौत कोतवाल रणवीर सिंह यादव ने कहा आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित स्थानों पर दबिश दी जा रही है।