रमाला (बागपत)। इब्राहिमपुर माजरा गांव में 11 हजारी विद्युत लाइन के तार की चपेट में आने से छात्र की मौत हो गई। नाराज ग्रामीणों ने विद्युत निगम पर लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा किया। सूचना पर पहुंची पुलिस को शव नहीं उठाने दिया। विद्युत निगम के अधिकारियों ने मृतक के परिजनों को पांच लाख रुपये मुआवजा देने का आश्वासन दिया। चार घंटे बाद ग्रामीणों ने पुलिस को शव सौंप दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृतक के चाचा नये बिजली के एसएसओ के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
इब्राहिमपुर माजरा गांव निवासी सुमित तोमर (18) पुत्र संजय बीए प्रथम वर्ष का छात्र था। ताऊ रविंद्र ने बताया कि मंगलवार की सुबह 11 बजे वह अपने भतीजे सुमित तोमर के साथ बाइक पर सवार होकर नलकूप पर गए थे। खेत में 11 हजार विद्युत लाइन का तार टूटा पड़ा था। दोनों बाइक लेकर बिजलीघर पहुंचे। एसएसओ राजीव निवासी किशनपुर बराल को तार टूटने की जानकारी दी। एसएसआई ने आश्वासन दिया कि बिजली सप्लाई बंद कर लाइनमैन को भेज कर तार जुड़वाया जाएगा, लेकिन काफी देर बाद भी लाइन नहीं काटी गई। दोनों वापस खेत में पहुंचे। सुमित को विश्वास हो गया कि लाइन काट दी है, तो उसने रास्ते से 11 हजार विद्युत लाइन के तार को हटाने की कोशिश की, लेकिन तार में करंट दौड़ रहा था। बिजली का करंट लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पता चलते ही सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई। नाराज ग्रामीणों ने विद्युत निगम के अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा किया। अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को उठाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीणों ने शव नहीं उठने दिया। उन्होंने कहा कि जब तक पीड़ित परिवार को मुआवजा व आरोपी एसएसओ के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज नहीं होगी, शव नहीं उठने देंगे। विद्युत निगम के एसडीओ रितेश्वर व जेई गुलशन ग्रामीणों के बीच पहुंचे। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि पीड़ित परिवार को पांच लाख रुपये मुआवजा दिया जाएगा। इस आश्वासन पर चार घंटे बाद शव उठने दिया और पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। ताऊ ने आरोपी एसएसओ राजीव के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। थानाध्यक्ष नरेश कुमार ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। हंगामा करने वालों में संजीव राठी, अनिल, बबलू, शौकेंद्र, महीपाल, रविंद्र आदि शामिल रहे।
बाबा व पिता की भी करंट से हुई थी मौत
रमाला। मृतक सुमित के ताऊ रविंद्र ने बताया कि नलकूप पर करंट से अब तक परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो चुकी है। 18 साल पहले इसी जगह मृतक सुमित के पिता संजय की करंट लगने से मौत हो गई थी। पांच साल पहले सुमित के बाबा महिपाल की नलकूप के हौज में करंट लगने से मौत हुई थी और अब छात्र की भी करंट से मृत्यु हो गई।
दो माह पहले ही खींची गई विद्युत लाइन
रमाला। ताऊ रविंद्र ने बताया कि विद्युत निगम ने दो माह पहले ही नई विद्युत लाइन खिंचवाई थी, लेकिन विद्युत लाइन के तार कमजोर होने के कारण टूट गए। विद्युत निगम के अधिकारियों ने लाइन खिंचवाने में भी घोटाला किया।
कटीले तारों में दौड़ रहा था करंट
बागपत। मृतक छात्र सुमित के खेत में आवारा गोवंशीय पशुओं के लिए कटीले तार लगाए हुए है। 11 हजारी विद्युत लाइन का तार टूटकर कटीले तारों पर गिरा था। खेत के चारों तरफ कटीले तारों में करंट दौड़ रहा था। खेत गांव के पास में ही है। खेत के पास से ग्रामीणों का आना-जाना लगा रहता है। गनीमत रही कि कोई और तारों की चपेट में नहीं आया।