बागपत। सूजरा गांव में शनिवार रात फसलों को नुकसान पहुंचा रहे गोवंशीय पशुओं को पकड़कर ग्रामीणों ने पंचायत घर में बंद कर दिया। पंचायत घर मुस्लिम मोहल्ले मेें है। जिस कारण तनावपूर्ण स्थिति बन सकती है। ग्राम प्रधान ने पुलिस से शिकायत की।
सूजरा गांव में ग्रामीणों ने शनिवार की रात खेतों में घूम रहे 30-35 आवारा गोवंशीय पशुओं को पकड़कर पंचायत घर में बंद कर दिया और मुख्य गेट का ताला लगाकर घर चले गए। ग्राम प्रधान ममता देवी के पति प्रवीण ने बताया कि ग्रामीणों ने पशुओं को पंचायत घर में बंद तो कर दिया, लेकिन उनके लिए चारे व पानी की कोई व्यवस्था नहीं की। उन्होंने प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों को सूचना दे दी है, लेकिन अभी तक किसी ने गांव पहुंचकर सुध नहीं ली। उन्होंने प्रशासन ने पशुओं का प्रबंध कराने की मांग की। वहीं जनपद के अन्य गांवों में सरकारी स्कूलों में बंद आवारा गोवंशीय पशुओं को नहीं छोड़ा गया। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक पशुओं को गोशाला में नहीं भिजवाया जाएगा, वे इन्हें नहीं छोड़ेंगे।
निरपुड़ा में नहीं छोड़े गोवंशीय पशु, धरना जारी
दोघट (बागपत)। निरपुड़ा गांव के प्राथमिक विद्यालय में पांच दिन से गोवंश बंद हैं। ग्रामीणों ने गोवंशों के चारा पानी का प्रबंध कर रखा है। स्कूल के बाहर ग्रामीण भी धरना देकर बैठे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि आवारा गोवंशीय पशुओं को लेकर ग्रामीण डीएम से मिले थे। डीएम ने उन्हें एक सप्ताह का समय दिया है। एक सप्ताह तक ग्रामीण धरना जारी रखने एवं गोवंशीय पशुओं को यहीं बंद रखने का फैसला लिया। डीएम ने पशु चिकित्सक की टीम भेजने का भी आश्वासन दिया था, लेकिन टीम गांव नहीं पहुंची। इस मौके पर नहार सिंह, बिजेंद्र, राजपाल, मुकेश, प्रियव्रत, सोनू, राजेंद्र, बाबा भोल्लर सिंह, हरपाल आर्य, रहीस आदि मौजूद रहे। दाहा गांव में रविवार को नाले में गिरकर गाय घायल हो गई। ग्रामीणों ने गाय को बाहर निकाला। पशु चिकित्सक से उपचार कराया। ग्रामीण रोशनलाल, प्रवीण जैन, नरेश जैन, श्रीपाल, देवेंद्र, इंद्रपाल आदि ने गाय को बस स्टैंड के पास सुरक्षित जगह बैठाया।