बागपत। चांदीनगर थाना क्षेत्र के भागौट गांव में छह साल पूर्व किसान ओमवीर की हत्या के मामले में तीन आरोपियों पर दोष सिद्ध हुआ। एडीजे द्वितीय डॉ. मनु कालिया की कोर्ट में सुनवाई हुई। सजा के प्रश्न पर 22 फरवरी को सुनवाई होगी। उधर, पैरवी के लिए पहुंचे तीनों अभियुक्त वादी को धमकी देते हुए फरार हो गए। कोर्ट में हाजिर नहीं होने पर अदालत ने तीनों के गैर जमानती वारंट जारी किए हैं।
सहायक शासकीय अधिवक्ता राजीव कुमार एवं अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता महेंद्र बंसल ने बताया कि चांदीनगर थाना क्षेत्र के भागौट गांव में दो जुलाई 2012 को ओमवीर (55) पुत्र सूरज बली की रंजिश के चलते फावड़े से काटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक के पौत्र विनीत ने गांव के ही अजब सिंह पुत्र चरणी, कलवा पुत्र रतनलाल, पप्पू पुत्र रामजीलाल और ललित पुत्र अतर सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पुलिस ने अजब सिंह, कलवा व पप्पू के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था। प्रकरण की सुनवाई एडीजे द्वितीय डॉ. मनु कालिया की कोर्ट में हुई। तीनों आरोपी जमानत पर चल रहे थे। सोमवार को प्रकरण में सुनवाई हुई। तीनों आरोपियों पर दोष सिद्ध हुआ। सजा के प्रश्न पर सुनवाई के लिए 22 फरवरी की तिथि तय की गई है।
उधर, अधिवक्ता महेंद्र बंसल का कहना है कि तीनों आरोपी कचहरी आए थे। सुनवाई से पहले ही बहाना बनाकर चले गए। वादी के परिवार को धमकी दी गई है। उधर, अदालत ने तीनों पर दोष सिद्ध कर गैर जमानती वारंट जारी कर दिए हैं।
वादी के पिता ने मांगी सुरक्षा
बागपत। प्रकरण में वादी विनीत के पिता सुभाष ने एसपी जयप्रकाश को प्रार्थना पत्र देकर सुरक्षा की गुहार लगाई है। आरोप है कि तीनों अभियुक्त उनके घर पर हमला कर सकते हैं।