बसपा के पूर्व विधायक और उनके भाई से रंगदारी मांगने के मामले में पुलिस ने लखनऊ के एक युवक को गिरफ्तार कर लिया, जो रेलवे के एक कर्मचारी का बेटा है। पुलिस का दावा है कि पकड़े गए युवक ने अपने भाई की आई पर खरीदे सिम को झांसी जेल में बंद पूर्वांचल के कुख्यात मुन्ना बजरंगी के गुर्गे को दिया और गुर्गे ने बजरंगी के इशारे पर ही रंगदारी मांगी थी। पकड़े गए आरोपी से वारदात में प्रयुक्त मोबाइल बरामद हुआ है। रंगदारी मांगने के आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास में पुलिस जुटी हुई है।
पुलिस अधीक्षक जय प्रकाश ने पत्रकार वार्ता में बताया पकड़ा गया आरोपी सुल्तान अली पुत्र अली कादिर निवासी एल 60 ए/ई फतेह अली का तालाब चारबाग लखनऊ का रहने वाला है। आरोपी का पिता रेलवे में कर्मचारी है। उसने अपने भाई की आईडी पर खरीदा सिम अपने दोस्त को दे दिया था। उससे ही आठ व 22 सितंबर को बसपा के पूर्व विधायक लोकेश दीक्षित और उनके भाई नारायण दीक्षित से फोन करके रंगदारी मांगी । रंगदारी न देने पर जान से मारने की धमकी दी । आरोपी झांसी जेल में बंद अपराधी मुन्ना बजरंगी के साथी है। जांच में सामने आया है कि मुन्ना बजरंगी के इशारे पर ही रंगदारी मांगते हैं। आरोपियों के लखनऊ में कई स्थानों पर ठिकाने हैं। इनका एक गैंग है। पकड़े गए आरोपी सुल्तान ने अपने साथी का नाम बता दिया है, जिसने रंगदारी मांगी थी। एसपी ने कहाजल्द ही रंगदारी मांगने के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
गैंग का पुलिस को कैसे चला पता
बागपत। पूर्व विधायक लोकेश दीक्षित और उनके भाई को दी गई धमकी मोबाइल में रिकार्ड हो गई । उनकी तहरीर पर 25 सितंबर को बागपत कोतवाली में मुकदमा दर्ज हुआ। मोबाइल को सर्विलांस पर लगाया तो पता चला कॉल ग्रेटर नोएडा से की गई है। मोबाइल नंबर के आधार पर सिम खरीदने वाले का पता लगाया, जो लखनऊ का निकला।
आरोपी को पकड़ने में शामिल टीम
बागपत। आरोपी सुल्तान को पकड़ने में कोतवाली प्रभारी दिनेश कुमार, एसएसआई धर्मेंद्र सिंह संधु, एसआई नितिन पांडेय, नसीम अहमद, कांस्टेबल अनिल सैनी, विकास कुमार, अवतार शामिल हैं।