बड़ौत। मृतक के भाई पिंटू शर्मा ने बताया कि मंगलवार की रात में चार दोस्त अंकित को घर से बुलाकर ले गए थे। उन्होंने मन्नु के घर पर अंकित को शराब पिलाई। इसी दौरान उनमें किसी बात को लेकर विवाद हो गया। इसके बाद चारों दोस्तों ने अंकित को खिड़की से बांध दिया और बलकटी से चेहरे व गर्दन पर कई बार कर उसे मौत के घाट उतार दिया। हत्या के बाद अंकित को शव को गली में घसीटते हुए एक सौ मीटर दूर तक ले गए और तालाब के किनारे फेंक दिया। आरोपी सबूत मिटाने के लिए, मकान में जिस स्थान पर खून पड़ा हुआ था, वहां से मिट्टी खोदकर दूसरी जगह फेंक दी। एसपी जयप्रकाश ने बताया कि मकान से लेकर तालाब से शव को घसीटने के निशान मिले हैं। पकड़े गए आरोपी युवकों से पूछताछ की जा रही है। चारों युवक अंकित के दोस्त हैं। रोज उसके साथ बैठ कर शराब पीते थे। शराब पीकर उनमें विवाद हुआ है। उधर, हत्यारोपी अनु ने पुलिस को बताया कि उनके यहां मंगलवार की रात रिश्तेदार आए हुए थे। दावत चल रही थी। दावत मेें अंडे भी बनाए गए थे। शराब पीने के बाद जब अंडे खा रहे थे तो मृतक की शराब पीने और एक अंडे को लेकर हत्यारोपियों से कहासुनी हो गई थी। इसी को लेकर उन्होंने सिर पर बलकटी से वार कर हत्या कर दी थी और बलकटी को तालाब मेें फेंक दिया।
अंतिम संस्कार से इंकार, आरोपी पर हमले की कोशिश
बड़ौत। ट्यौढ़ी गांव में पोस्टमार्टम के बाद मृतक अंकित का शव गांव पहुंचते ही लोगों में आक्रोश व्याप्त हो गया। लोगों हंगामा शुरू कर दिया। ऐलान कर दिया कि जब तक आरोपी नहीं पकड़े जाते, तब तक शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। कुछ प्रबुद्ध लोगों के समझाने पर शव का भारी सुरक्षा के बीच अंकित संस्कार किया। उधर, अंकित की हत्या में प्रयुक्त बलकटी को तालाब से बरामद कराने के लिए जब पुलिस हिरासत में लिए गए हत्यारोपी अन्नु को लेकर गांव पहुंची तो लोगों ने उस पर हमला करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने किसी तरह मामला शांत किया।
मां बेहोश होकर गिरी
बड़ौत। अंकित की हत्या के बाद परिवार की महिलाओं का रो-रोकर बुरा हाल था। मां बाला अपने बेटे की मौत पर बेहोश होकर गिर पड़ी। मृतक अंकित के अलावा परिवार में उसके बड़ा भाई नीटू, उससे छोटा पिंटू है। वह अविवाहित था।
गोताखोरों ने तालाब में तलाशी बलकटी
बड़ौत। अंकित की हत्या के बाद आरोपियों ने हत्या मेें प्रयुक्त बलकटी व अन्य सामान तालाब में फेंक दिया। पुलिस ने गोताखोरों को बुलाकर तालाब में बलकटी की तलाश कराई, लेकिन बलकटी नहीं मिली। देर शाम गोताखोरों को तालाब से मृतक के कपड़े, चादर, तकिया, रजाई मिली है। कोतवाली प्रभारी एके सिंह ने बताया कि बृहस्पतिवार को फिर से गोताखोरों को तालाब मेें उतारकर बलकटी बरामद कराई जाएगी।
शोक संवेदना दी
बड़ौत। टयौढी गांव में अंकित की हत्या के बाद ब्राह्मण एकता कल्याण समिति के सदस्यों ने गांव में पहुंचकर परिजनों को शोक संवेदना दी। इस अवसर पर श्रद्धानंद शर्मा, सचिन वत्स, जिलाध्यक्ष विजयपाल शर्मा, राधेश्याम, आलोक शास्त्री आदि रहे।