बड़ौत (बागपत)।
वाजिदपुर गांव की बेटियों और कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय की छात्राओं से छेड़छाड़ के मामले में प्रशासन सक्रिय हो गया है। पुलिस प्रशासन ने दोनों स्थलों पर पहुंचकर जांच की, लेकिन पूरा मामला फर्जी मिला। एसडीएम ने डीएम को जांच रिपोर्ट भेज दी।
डीएम भवानी सिंह खंगारौत और एसपी जयप्रकाश ने बड़ौत पुलिस और एसडीएम को तत्काल जांच के निर्देश दिए। इस पर एसडीएम और सीओ पुलिस के साथ कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय पहुंचे, वहां उन्होंने शिक्षिकाओं और छात्राओं से बात की। उन्होंने बाउंड्रीवाल की ऊंचाई कराने की मांग की तो एसडीएम ने अगले माह तक दीवार ऊंची कराने का आश्वासन दिया। इसके अलावा वहां पुलिस गश्त बढ़ाने का भी भरोसा दिलाया । इसके बाद दोनों अधिकारी वाजिदपुर गांव पहुंचे और पीड़ितों के बयान दर्ज किए। गांव के कुछ लोगों से भी बातचीत की , जिस पर उन्होंने पीड़ा बताई और शोहदों पर शिकंजा कसने की मांग की। अधिकारियों ने कहा कोई भी मनचला छेड़छाड़ करने की हिमाकत नहीं कर सकेगा। वहीं वाजिदपुर गांव की कई बेटियों ने शोहदों के डर से स्कूल-कॉलेज छोड़ दिया है और वह अपने घरों में रह रही हैं। इस संबंध में एसडीएम अरविंद कुमार ने बताया जो मामला प्रकाश में आया है, उसके सभी बिंदुओं पर जांच की और वाजिदपुर में छात्राओं के अभिभावकों से बात की तो उन्होंने समाज के एक नेता पर आरोप लगाया कि वह रोजाना कुछ न कुछ नई बात कर लोगों को उकसाकर अपनी राजनीति चमकाना चाहता है। उन्होंने जांच रिपोर्ट डीएम को भेज दी है और इसमें पुष्टि की है कि समाज का जो नेता गलत प्रचार कर रहा है, उसके खिलाफ कार्रवाई के लिए लिखा है।