बागपत। मवी कलां गांव के पास यमुना नदी में डूबी महिला का शव 24 घंटे बाद बरामद हो गया है जबकि बेटी अभी तक नहीं मिली। परिजन यमुना के किनारे लाश की तलाश करने निकल गए। गाजियाबाद के नूरपुर पचारा के पास महिला का शव नदी में बहता मिला। एनडीआरएफ शव को बागपत लेकर आई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। एनडीआरएफ की टीम युवती के शव की तलाश में जुटी हुई है।
सोमवार को काठा गांव निवासी किसान सहेंद्र, उसकी पत्नी राजबीरी, बेटा नीटू व बेटी कोमल भैंसा-बुग्गी में सवार होकर यमुना नदी पार खेत में जा रहे थे। मवी कलां गांव के पास यमुना नदी पार करते समय भैंसा-बुग्गी समेत परिवार यमुना नदी में समा गया था। पिता-पुत्र ने तैर कर जान बचा ली, जबकि मां-बेटी नदी में डूब गई । एनडीआरएफ व पुलिस ने 12 घंटे तक नदी में दोनों की तलाश की , लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। मंगलवार की सुबह पांच बजे परिजन यमुना नदी पर पहुंचे और नदी के किनारे-किनारे दिल्ली की तरफ मां-बेटी की तलाश में निकल गए। गाजियाबाद के नूरपुर पचारा गांव के पास सुबह साढ़े छह बजे परिजनों को महिला राजवीरी का नदी में बहता हुआ शव मिल गया। परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। एनडीआरएफ की टीम बोट लेकर पहुंची और शव मवी कलां लाए। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। नदी में डूबी कोमल का अभी तक कोई पता नहीं चल सका है। एनडीआरएफ व पुलिस की टीम युवती को तलाशने में जुटी है। एएसपी रण विजय सिंह ने बताया कि महिला का शव मिल गया है। युवती की तलाश की जा रही है। जल्दी ही उसे भी तलाश लिया जाएगा। नदी से महिला राजवीरी का शव मिलने के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है। परिवार की महिलाओं का रो-रोकर बुरा हाल था। वहीं परिजन युवती की तलाश में नदी के किनारे घूम रहे हैं।
यमुना में बहा दी थी लाश, लाश से निकाले आभूषण
बागपत। संवेदनाएं फिर तार-तार हो गई। मृतका राजवीरी देवी के बेटे नीटू ने बताया कि शव से आभूषण गायब मिले हैं। उसके कानों के कुंडल, नाक की लांग, पायजेब, बिछुए गायब मिले हैं। उसके कान भी फटे हुए हैं। आशंका है कि किसी ने शव से आभूषण खींचकर निकाल लिए। पुलिस से मामले की जांच की मांग की है। नीटू ने बताया कि वह ग्रामीणों के साथ मंगलवार को नदी के किनारे-किनारे सांकरौद गांव के पास पहुंचे। खादर में पालेज लगाने वालों से पूछताछ की तो जानकारी मिली कि सोमवार की रात नौ बजे के लगभग शव बहता हुआ आया। शव को यहां काम कर रहे मजदूरों ने आगे धकेल दिया । उसके जूते यहीं पर रह गए । उन्होंने महिला के जूते परिजनों को दिखाए। जूते देखकर परिजन नदी के किनारे आगे चल दिए। संवेदनहीनता की सारी हदें पार हो गई। एनडीआरएफ की खोज चलती रही, लेकिन लाश परिजनों ने खुद ही खोज निकाली।
मोर्चरी पर कर्मचारी ने परिजनों से लिए 800 रुपये
बागपत। मोर्चरी पर मृतक राजवीरी के शव का पोस्टमार्टम हुआ। मोर्चरी कर्मचारी ने परिजनों से शव को सील करने के लिए 800 रुपये ले लिए। परिजनों ने सीएचसी डॉ. सुषमा चंद्रा से शिकायत की। इसके बाद कर्मचारी ने रुपये लौटाए। इसके बाद परिजन बाजार से सामान खरीदकर ले गए। जबकि सामान लाने की जिम्मेदारी पुलिस की है। इस संबंध में सीएमओ डॉ. सुषमा चंद्रा ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव को सील करने में जो सामान लगता है, उसका बजट पुलिस के पास आता है। सामान लाने की जिम्मेदारी पुलिस विभाग की है। मोर्चरी के कर्मचारी की जांच कराकर कार्रवाई होगी। फिलहाल रुपये वापस कराए दिए गए हैं। मोर्चरी का कोई भी कर्मचारी बाजार से सामान नहीं ला सकता। इस संबंध में एसपी शैलेश कुमार पांडेय ने बताया कि पोस्टमार्टम कराने की जिम्मेदारी पुलिस विभाग की है। पुलिस ने सामान लाकर नहीं दिया तो इसकी जांच कराई जाएगी।