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दो साल में एसपी दफ्तर के काउंटर पर सिर्फ 46 एफआईआर

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बागपत। एसपी दफ्तर में फरियादियों की सहूलियत के लिए खोले गए एफआईआर काउंटर पर 2017 से अब तक मात्र 46 मुकदमे दर्ज हुए हैं। यह हालत तब है जबकि एसपी कार्यालय पर प्रतिदिन 50 से अधिक फरियादी शिकायत लेकर पहुंचते हैं।
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थानों के चक्कर लगाने के बावजूद भी पुलिस फरियादियों की रिपोर्ट दर्ज नहीं करती। मुकदमा दर्ज करने में आनाकानी की बढ़ती शिकायतों को देखते हुए शासन ने प्रदेश के हर जिले में एसपी कार्यालय पर एफआईआर काउंटर खोलने के निर्देश दिए थे। 19 जून 2017 को एसपी कार्यालय बागपत पर भी एफआईआर काउंटर खोला गया था। जिले से प्रतिदिन 50 से अधिक फरियादी विभिन्न मामलों में रिपोर्ट दर्ज न होने की शिकायत लेकर एसपी कार्यालय पहुंचते हैं, वहीं तहसील व थानों में होने वाले संपूर्ण समाधान दिवस में भी फरियादी थाना पुलिस पर उत्पीड़न व रिपोर्ट दर्ज न करने की शिकायत करते हैं। इसे लेकर 29 जनवरी 2018 को प्रदेश के डीजीपी ओपी सिंह ने पुलिस अधिकारियों को पत्र भेजकर काउंटर पर शतप्रतिशत एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए थे। लेकिन पुलिस ऑफिस से मिली जानकारी के अनुसार 19 जून 2017 से अब तक केवल 46 मुकदमे ही दर्ज हुए हैं।

न्यायालय की शरण लेते हैं पीड़ित
बागपत। पुलिस द्वारा समय पर कार्रवाई न करने के कारण पीड़ित न्यायालय की शरण ले रहे हैं। कोतवाली में कोर्ट के आदेशों पर अभी तक 30 मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। वहीं अन्य पुलिस थानों का भी यही हाल है।
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15 मुकदमों में लगाई गई फाइनल रिपोर्ट
बागपत। शिकायत प्रकोष्ठ के प्रभारी ओमप्रकाश ने बताया कि उनके पास आने वाली हर शिकायत पर मुकदमा दर्ज होता है। सबसे अधिक मामले बलात्कार, धोखाधड़ी, चोरी के हैं। 46 मुकदमों में एक को खारिज कर दिया गया था। जबकि 18 मुकदमों में कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया जा चुका है। 15 मामलों में पुलिस ने एफआर लगा दी गई।

तुरंत होती है एफआईआर दर्ज : एएसपी
बागपत। एएसपी राजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि सही घटनाओं पर थाने व एसपी कार्यालय पर एफआईआर दर्ज की जा रही है। कुछ संदिग्ध मामले की जांच पड़ताल के लिए जरूर समय लग जाता है, लेकिन पुलिस जांच के बाद तुरंत मुकदमा दर्ज करती है।
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